British Prime Minister Theresa May Tells Lawmakers She Would Quit Before 2022 Election


Theresa May held a closed-door meeting with lawmakers. (File)

London, UK: 

British Prime Minister Theresa May told her MPs Wednesday she plans to quit before the 2022 election, as she seeks their support in a confidence vote, a lawmaker said.

“She said she does not intend to lead the 2022 election,” Conservative MP Alec Shelbrooke told journalists after the closed-door meeting, confirming other reports.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)





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Rajasthan Madhya Pradesh Chhattisgarh election results: These are main reasons of BJP defeat


नई दिल्ली: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. हिंदी हार्टलैंड के तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की हार हुई है और भाजपा की यह हार काफी मायने रखती है. क्योंकि 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले तीन राज्यों में हार का झटका एक ओर भाजपा की उत्साह को कम करता है, वहीं 2019 के महामुकाबले के लिए कांग्रेस के मनोबल को बढ़ाता है. हालांकि, परिणाम सामने आने के बाद हर पार्टियां अपने नतीजों पर आत्मचिंतन और मंथन करेगी. 

जाहिर सी बात है कि बीजेपी भी उन कमियों की तलाश में होगी, जिसकी वजह से उसे इतनी ब़ड़ी हार मिली और एक ही झटके में तीन बड़े राज्य उसके हाथ से चले गए. इसके अलावा, अब सबके मन में हार-जीत के कारणों को जानने की इच्छा होगी. आखिर क्या वजह रही कि बिना गठबंधन के भी कांग्रेस ने इन राज्यों में जीत दर्ज की है. पिछले एक साल से अब तक क्या बदला है..क्या वो फैक्टर्स हैं जिन्होंने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया, तो चलिए जानते हैं…

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–  अगर चुनावी नतीजों पर गौर करें तो इन चुनावों में नोटबंदी, जीएसटी से भाजपा को सबसे ज्यादा झटका लगा है. क्योंकि भाजपा के वोट शेयर और उसके सीटों की स्थिति को देखें तो शहरी क्षेत्रों में भाजपा को भारी नुकसान हुआ है.   मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की सीटों में भाजपा को 54 फीसद और राजस्थान में 41 फीसदी का नुकसान हुआ है.

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– राजस्थान में सचिन पायलट का असर भी भाजपा पर भारी पड़ा. पायलट की वजह से गुर्जर समुदाय के मतदाताओं ने भाजपा का साथ छोड़ दिया. राजस्थान की कई सीटों पर गुर्जर समुदाय काफी अच्छा प्रभाव रखता है. भाजपा को गुर्जर समुदाय बहुल सीटों में 61 फीसदी कमी हुई है. 

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– भाजपा से किसानों का मोहभंग ने भी इन चुनावों में काफी असर डाला है. भारतीय जनता पार्टी से जाट समुदाय दूर हट गया. राजस्थान में भाजपा को जाट बहुल सीटों की 58 फीसदी कम आई है. 

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– आदिवासी वोटों पर भाजपा की पकड़ भी कमजोर हुई है. तीनों राज्यों में आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा की सीटों में कमी देखने को मिली. राजस्थान में यह कमी 41 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 35 फीसदी और मध्य प्रदेश में 24 फीसदी रही है.

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Assembly Election Results 2018: “States Have Given Clear Message Of ‘BJP-Mukt’ India”: Shiv Sena


Shiv Sena accused the BJP of first defeating friends, and now losing crucial Hindi-belt states.

Mumbai: 

The Shiv Sena today said that the BJP’s dreams of making India Congress-mukt, or Congress-free, have failed after the party tasted defeat on Tuesday in three crucial states where it was in power. Clobbering edits by the Shiv Sena mouthpieces also said that while PM Modi and Amit Shah have been sidelined, Congress President Rahul Gandhi is a “shining star” of merit.

“Now, as the PM, these states have given a solid drubbing to the BJP. While its invincible bastions like Chhattisgarh, Rajasthan and Madhya Pradesh have fallen, in Telangana, BJP’ tally is lower than Congress’ and in Mizoram, it was decimated,” the Shiv Sena said.

Shiv Sena is an ally of the ruling BJP at the Centre and in Maharashtra.

Five years ago when Narendra Modi’s name was first proposed as PM, the same states had gone to polls where he had successfully campaigned. The victories back then were dubbed as his “auspicious entry for the BJP.

“The Congress has snatched Chhattisgarh from BJP, though its Chief Minister Raman Singh was powerful there, but the the Chanakya brains of BJP attempted to divide-and-rule by propping up Ajit Jogi in the elections.

“Similarly, though ‘Mamaji‘ Shivraj Singh Chauhan was even more popular than PM Modi in Madhya Pradesh, the Congress caught the lion by the nape, and stopped the BJP’s chariot from rolling further.

“In Rajasthan, the Congress could have easily crossed 140 seats, but due to infighting it was arrested at 100, though nobody can stop it from forming the government there,” the Shiv Sena said.

“All these (five) states have given a clear message of a ‘BJP-mukt‘ India. The BJP felt it was destined to win all elections and no other party could survive. But this bubble has been burst… You cannot always win by fooling people,” it added.

Shiv Sena also accused the BJP of first defeating friends, and now losing crucial Hindi-belt states. “While the economy floundered, farmers suffered, unemployment soared, inflation skyrocketed, and all the time PM Modi was busy indulging in high-flying global affairs”.

Instead, he sought to raise emotional issues which were rejected by the voters in these latest elections, the Shiv Sena said.

“Rahul Gandhi prevents me from uttering ‘Bharat Mata ki Jai’ and creates ‘obstacles in building Ram temple’… PM Modi made such childish statements, which recoiled on him… He never asked the Gandhi family before carrying out surgical strikes and demonetisation, and PM Modi has failed to fulfill the temple promise,” Shiv Sena’s edit said.

The Shiv Sena claimed that Urjit Patel, who supported the November 2016 notes ban, quit as Reserve Bank of India (RBI) Governor in “frustration”. “India is being run by the brains of a handful of industrialists and institutions like RBI are crumbling. Nowhere in the world such an economic chaos been witnessed.”

However, the people of these five states, fearlessly voted the BJP out without going into questions of “There is no alternative” factor, money and muscle power, the Electronic Voting Machines scam, and dashed the high-flyers into the dirt, the Shiv Sena said.

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Madhya Pradesh Assembly Election Results: Who will be the CM, Kamal nath, Jyotiraditya Scindhiya


नई दिल्ली: मध्य प्रदेश विधानसभा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के साथ ही कांग्रेस ने अपना सियासी वनवास खत्म कर लिया है. राज्य में करीब 15 साल तक सत्ता से बाहर रही कांग्रेस लिए यह जश्न का वक्त है क्योंकि बसपा और सपा के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार बनाती दिख रही है. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों के परिणाम आने के बाद 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है. हालांकि, कांग्रेस की सरकार मध्य प्रदेश में बनती तो दिख रही है, जिसके लिए कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और राजभवन ने अपनी सहमति भी जता दी है. मगर अभी बड़ा सवाल है कि आखिर कांग्रेस मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर किसका राजतिकल करेगी. मध्य प्रदेश की ताज का सरताज कौन होगा यह अब भी बड़ा सवाल है. क्योंकि दावेदार दो बताए जा रहे हैं- कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. 

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दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद ही यह निर्णय होगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया या फिर कमलनाथ में से कौन सीएम के रूप में आगे लाए जाते हैं. हालांकि, सूत्रों का मानना है कि दोनों नामों में से एक नाम पर सहमति राहुल गांधी और कांग्रेस का आलाकमान ही करेगा. हालांकि, खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री को लेकर फैसला हाईकमान ही लेगा. 

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लेकिन मुख्यमंत्री के रेस में अभी कौन सबसे आगे चल रहे हैं, इस सवाल पर अभी भी संशय है. राजनीतिक पंडितों की मानें तो कमलनाथ का पलड़ा ज्यादा भारी लग रहा है. इसकी वजह है कि कमलनाथ न सिर्फ ज्यादा अनुभवी और मझे हुए राजनेता हैं, बल्कि उनकी राजनीतिक सोच और समझ भी ज्यादा परिपक्व नजर आती है. चुनाव कवर करने वाले राजनीतिक पत्रकारों का मानना है कि राज्य में टिकट बंटवारे में भी कलनाथ का ज्यादा हस्तक्षेप रहा. 

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वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में यह बात जाती है कि वह कांग्रेस के लिए राज्य में एक युवा चेहरा के तौर पर हैं. बीते कुछ सालों में उन्होंने अपनी राजनीति को जो दिशा दी है, उससे वहां के लोगों की नजर में उनकी छवि काफी बेहतर हुई है. मगर कांग्रेस में अभी भी वह कमलनाथ के कद की तुलना में पीछे ही माने जा रहे हैं. ऐसा बताया जाता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का टिकट बंटवारे में ज्यादा नहीं चल सका है. वहीं अगर 15 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी हो रही है तो इसके पीछे कमलनाथ की रणनीतिक का कमाल ही माना जा रहा है. हालांकि, इससे  भी कोई इनकार नहीं कर सकता है कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की जोड़ी ने ही कांग्रेस को जीत का स्वाद चखवाया है.

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मगर कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में से किसी एक का चुनाव आज शाम तक हो जाएगा. मगर इतना जरूर है कि कांग्रेस पार्टी जो भी फैसला लेगी, वह लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर जरूर लेगी. बता दें कि सभी 230 सीटों पर परिणाम आने के बाद कांग्रेस को 114, भाजपा के 109, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो, समाजवादी पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिली हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इससे पहले सपा ने भी कांग्रेस कोही समर्थन देने का ऐलान किया है. इससे अब कांग्रेस की राह आसान हो गई है और अब कांग्रेस आसानी से सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े को पूरा कर लेगी.  

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Madhya Pradesh election results 2018: Shivraj singh chauhan 11 ministers lost election


खास बातें

  1. 114 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
  2. बहुमत से दो सीट दूर रही गई कांग्रेस
  3. दूसरे नंबर पर रही भाजपा

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी सीट बचाने में तो कामयाब रहे, लेकिन उनके 11 मंत्री अपनी सीट भी नहीं बचा पाए. कांग्रेस को 230 सीटों में से 114 पर जीत हासिल हुई है, वहीं दूसरे नंबर पर भाजपा रही जिसके खाते में 109 सीटें आई हैं. इसके अलावा बसपा ने दो, सपा ने एक और अन्य ने चार सीटों पर कब्जा किया है. कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से दो सीट दूर रह गई. शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी सीट पर कांग्रेस के अरुण सुभाष चंद्र को करीब 59 हजार वोटों से हराया है.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से भाजपा के उमाशंकर गुप्ता कांग्रेस के पीसी शर्मा से 6032 वोटों से हार गए. जबलपुर उत्तर सीट से शरद जैन को कांग्रेस के विनय सक्सेना ने 578 वोटों से रहा दिया. वहीं ग्वालियर सीट से कांग्रेस के प्रधुम्न सिंह तोमर ने भाजपा के मंत्री जयभान पवैया को 11093 वोटों से हराया है. देवास की हाटपीपल्या सीट से भाजपा के मंत्री दीपक जोशी कांग्रेस के मनोज सिंह चौधरी 13519 वोटों से हा गए. इसके अलावा सेंधवा से भाजपा के मंत्री अंतरसिंह आर्य कांग्रेस के ग्यारसीलाल रावत से 17878 वोटों से हार गए.

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बड़ा मलहरा सीट की बात करें तो भाजपा की मंत्री ललिता यादव कांग्रेस के कुंवर प्रद्मुम्न सिंह लोधी से 15779 वोटों से हार गईं. मुरैना से भाजपा के मंत्री रुस्तम सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी रघुराज सिंह ने करीब 20 हजार वोट से हरा दिया. डिंडौरी की शहपुरा सीट से भाजपा के मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे कांग्रेस के भूपेंद्र मरावी से करीब 34 हजार वोट से हार गए. खरगोन से भाजपा के मंत्री बालकृष्ण पाटीदार करीब दस हजार वोट से कांग्रेस के रवि चंद्र जोशी से हारे हैं. भिंड की गोहद से भाजपा के मंत्री लाल सिंह आर्य कांग्रेस के रणवीर जाटव से 24 हजार वोट से हा गए. बुरहानपुर से भाजपा की मंत्री अर्चना चिटनीस को निर्दलीय ने छह हजार वोट से शिकस्त दी है.

मध्य प्रदेश में बहुमत के जादुई आंकड़े से दो कदम दूर रह गई कांग्रेस, जानें अब क्या होगा सियासी समीकरण

बता दें, मध्‍यप्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के नतीजे आ चुके हैं. बुधवार सुबह चुनाव आयोग ने फाइनल आकड़ें जारी किए हैं. यहां कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं भाजपा 109 सीटों पर रह गई. हालांकि, कांग्रेस बहुमत के जादूई आंकड़े 116 से दो सीट दूर रह गई. वहीं दो सीटें बहुजन समाज पार्टी, एक समाजवादी पार्टी और चार निर्दलीय उम्मीदवारों के हिस्से में गई हैं. 

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Assembly Election Result: No One Should Attempt To Steal Mandate In 3 States: P Chidambaram


Congress workers fought an unequal battle against BJP’s money and won: P Chidambaram

New Delhi: 

Congress leader P Chidambaram said on Tuesday the Congress would form governments in Rajasthan, Chhattisgarh and Madhya Pradesh and no one should attempt to steal their mandate.

In a series of tweets, the former Union minister said the whole nation congratulates and thanks the voters of Chhattisgarh, Rajasthan and Madhya Pradesh for saving the Constitution and the constitutional values of India.

“The Congress will form the government in three states. No one — not the BJP, not the Governors — should attempt to steal the election in any of the three states. The BJP must accept its defeat,” he said.

P Chidambaram said the lesson for all is: do not underestimate the hardworking, never-say-die Congress workers. “They fought an unequal battle against BJP’s money and state power and they triumphed.”

P Chidambaram asked the BJP whether it would “change its ways”. “Regrettably, there is no evidence of that so far, but we shall wait and watch,” he said.

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MP Election Result: शिवराज सरकार के 31 मंत्रियों में कौन जीता और हारा, पढ़िए पूरी लिस्ट


नई दिल्ली: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर रोमांच बरकरार है. कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंच गई है तो वहीं बीजेपी भी जादुई आंकड़े से कुछ ही सीटों की दूरी पर है. इस चुनाव में कांग्रेस का बोट प्रतिशत करीब आठ फीसदी बढ़ा. उसे करीब 41 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि बीजेपी को भी 41 फीसदी से थोड़ा अधिक वोट मिले. वहीं, इस बार चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार में शामिल 31 मंत्रियों में से 19 इस बार विधानसभा की दहलीज पर नहीं पहुंच पाएंगे. सत्तारूढ़ दल बीजेपी के सिर्फ 12 मंत्री ही चुनाव जीत सके हैं. आइए, जानते हैं उन मंत्रियों के बारे में….

जयंत मलैया
बीजेपी सरकार में वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री रहे जयंत मलैया को हार का सामना करना पड़ा. सात बार के विधायक मलैया को कांग्रेस नेता राहुल सिंह ने दमोह सीट पर हराया है.

ओम प्रकाश धुर्वे
शहपुरा सीट से ओम प्रकाश धुर्वे भी हार गए हैं. शिवराज सरकार में नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग संभाग रहे धुर्वे को कांग्रेस के भूपेंद्र मरावी (बबलू) ने हराया है.

रुस्तम सिंह
पूर्व आईपीएस और मप्र सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का जिम्मा संभाल रहे मंत्री रुस्तम सिंह को मुरैना सीट से करारी हार मिली है. कांग्रेस प्रत्याशी रघुराज सिंह कंषाना ने रुस्तम को करारी शिकस्त दी है.

अर्चना चिटनीस
महिला और बाल विकास मंत्रालय को संभालने वाली और तीन बार की विधायक मंत्री अर्चना चिटनीस को बुरहानपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार ठाकुर सुरेंद्र सिंह नवल सिंह ने हराया है.

उमाशंकर गुप्ता
भोपाल दक्षिण पश्चिम सीट से लगातार तीन बार के विधायक उमाशंकर गुप्ता को इस चुनाव में कांग्रेस के प्रभावी नेता पीसी शर्मा चुनावी मैदान में पटखनी दी है. गुप्ता सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार में आईटी और राजस्व विभाग के मंत्री रहे हैं.

अंतरसिंह आर्य
बीजेपी सरकार में जेल, पशुपालन और पर्यावरण जैसे अहम मंत्रालयों की कमान संभाल रहे मंत्री अंतर सिंह आर्य को कांग्रेस के ग्यारसीलाल रावत ने हराया है. सेंधवा सीट से आर्य चार बार विधायक रह चुके थे.

जयभान सिंह पवैया
ग्वालियर सीट से कांग्रेस प्रदुम्न सिंह तोमर ने बीजेपी के कद्दावर नेता और जयभान सिंह पवैया को बड़े अंतर से हराया है. बीजेपी सरकार में मंत्री पद का निर्वहन करने वाले पवैया 2013 में पहली बार विधायक बने थे.

नारायण सिंह कुशवाह
शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके नारायण सिंह कुशवाह को अपने चौथे विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. उन्हें कांग्रेस के युवा नेता प्रवीण पाठक ने बहुत कम अंतर से हराया.

दीपक जोशी
पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी को हाटपिपल्या सीट से कांग्रेस के मनोज नारायण सिंह चौधरी ने पराजित किया है. तीसरी बार विधायक बने जोशी बीजेपी सरकार में  तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय संभाल रहे थे.

लाल सिंह आर्य
कांग्रेस नेता रणवीर जाटव ने लाल सिंह आर्य को गोहद विधानसभा सीट से हराया है. तीसरी बार विधायक बने आर्य 2013-2018 के कार्यकाल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के पद पर थे.

शरद जैन
2013 में तीसरी बार जबलपुर उत्तर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे शरद जैन को चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था. इस बार उन्हें कांग्रेसी विनय सक्सेना ने हराया.      

ललिता यादव
छतरपुर सीट से जीतकर विधानसभा की दहलीज पर पहुंचने वाली बीजेपी नेत्री ललिता यादव को इस बार मलहरा से टिकट दिया गया था, जहां उन्हें कांग्रेस के कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी ने पराजित कर दिया. 2013 में दूसरी बार विधायक बनने वाली ललिता को शिवराज सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया था.

बालकृष्ण पाटीदार
कांग्रेस प्रत्याशी रवि रमेशचंद्र जोशी ने दो बार के विधायक रहे और बीजेपी नेता बालकृष्ण पाटीदार को शिकस्त दी. खरगौन सीट से चुनकर विधानसभा पहुंचने वाले पाटीदार राज्यमंत्री के पद पर थे.

इनका काटा गया टिकट
इनके अलावा 2018 के विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार के मंत्री कुसुम मेहदेले, माया सिंह, हर्ष सिंह, गौरीशंकर शेजवार और सूर्य प्रकाश मीना  ने चुनाव ही नहीं लड़ा था. इनमें गौरीशंकर के बेटे मुदित और हर्ष सिंह के बेटे विक्रम को टिकट दिया गया था.

इन मंत्रियों को मिली जीत
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी से जीत हासिल हुई. उनके अलावा मंत्री गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन, यशोधरा राजे सिंधिया, पारस जैन, राजेंद्र शुक्ल, रामपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र पटवा, संजय पाठक, विश्वास सारंग और जालम सिंह पटेल को विजय मिली.

कांग्रेस जादुई आंकड़े से चंद सीट पीछे
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को अकेले के दम पर स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. कांग्रेस सरकार बनाने के जादुई आंकड़े से चंद सीट पीछे चल रही है. इसको देखते हुए मध्यप्रदेश में सरकार बनाने में अब निर्दलीयों, बसपा एवं सपा के पास की भूमिका अहम होने की उम्मीद है. ये ही अब तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी.

चुनाव आयोग के अनुसार, बुधवार सुबह 04 बजे तक तक कांग्रेस ने 111 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और अन्य 3 सीटों पर आगे चल रही है, जो कुल 114 सीटें होती हैं. वहीं 15 साल से प्रदेश में सत्ता पर काबिज भाजपा ने 103 सीटें जीत ली हैं और अन्य 6 सीटों पर आगे चल रही है, जो कुल 109 सीटें होती हैं.

सपा और बसपा को मिली सफलता
प्रदेश की इन दोनों प्रमुख पार्टियों के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) को एक सीट बिजावर मिल गई है. वहीं, चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे. इनके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 2 सीटें जीत चुकी है और एक सीट पर आगे चल रही है.





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mp assembly election 2018 son of kailash vijayvargiya akash vijayvargiya won election


नई दिल्ली: आबादी के लिहाज से इंदौर जिले की सबसे छोटी विधानसभा सीट इंदौर-3 से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने चुनावी बाजी मार ली है. उन्होंने कांग्रेस कैंडिडेट अश्विनी जोशी को चुनाव में करीब 6000 वोटों से शिकस्त दी है. खास बात यह है कि आकाश के पिता कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी जिंदगी में कभी चुनाव नहीं हारा है. अब पिता के कदमों पर चलते हुए बेटे ने भी सफलता की ओर कदम बढ़ाया है.

हर चुनाव जीते कैलाश  
कैलाश विजयवर्गीय का जन्म 1956 में इंदौर में हुआ था. वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं. इंदौर में अपना राजनितिक करियर प्रारंभ कर वे इंदौर नगर के महापौर बने. बिना कोई चुनाव हारे वे लगातार 06 बार विधानसभा के सदस्य चुने गए. पार्टी में केंद्रीय नेतृत्व के लिए पदोन्नत होने से पहले वे बारह वर्ष तक राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे. साल 2000 में उन्हें ऑल इंडिया मेयर काउंसिल का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया था. 2011 और 2013 में उन्होंने मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव भी लड़ा लेकिन दोनों बार ज्योतिरादित्य सिंधिया से परास्त हो गए. 2013 में उन्हें इंदौर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख चुना गया.

MP Election Result 2018: इन मंत्रियों की हुई जीत, इन दिग्गजों को मिली करारी शिकस्त
आकाश विजयवर्गीय को टिकट मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में वंशवाद पर चर्चाएं तेज हो गई थीं. बेटे को टिकट मिलने के बाज कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर सफाई दी है. वंशवाद की चर्चाओं के बीच उन्होंने ये ऐलान किया कि वो प्रदेश के 229 सीटों के प्रचार के लिए जाएंगे, लेकिन इंदौर-3 की विधानसभा में कदम नहीं रखेंगे. हालांकि, उनके लिए बेटे को जिताना नाक का सवाल बना हुआ था. कैलाश ने कहा था कि अगर आकाश 15 हजार कम वोटों से जीते तो यह मान लूंगा कि जनता नाराज है.  

चाचा की सीट से हारे जोशी
उधर, पराजित प्रत्याशी अश्विन जोशी  कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे हैं. अश्विन तीन बार इस सीट से विधायक रहे हैं. उससे पहले महेश जोशी यहां से तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं. इस प्रकार सालों तक इस सीट पर ‘चाचा-भतीजे’ का राज रहा है. कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर 2013 में बीजेपी की ऊषा ठाकुर ने जीत दर्ज की थी. अबकी बार ऊषा ठाकुर को महू से उम्मीदवार बनाया गया है. इंदौर-3 सीट के करीब एक लाख 90 हजार वोटर अपने नेता का चुनाव करते हैं.





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Breaking News: Rajasthan Assembly Election Result, Congress wins Majority in Rajasthan, Rahul Gandhi, MP Assembly Election Result, PM Modi, Amit Shah, Kamal Nath, 12 December 2018


NEWS FLASH: राजस्थान में सरकार बनाने और मुख्यमंत्री के नाम तय करने को लेकर आज होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक

राजस्थान विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत का आकंड़ा छूने के बाद कांग्रेस पार्टी अपने जीते हुए विधायकों के साथ बुधवार को बैठक करने जा रही है. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में पार्टी की अगली रणनीति के साथ-साथ मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा हो सकती है. बता दें कि कांग्रेस पार्टी को राजस्थान को 99 सीटें मिली हैं. वह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने जा रही है. चुनाव परिणाम में बीजेपी 73 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई है. मंगलवार को चुनाव परिणाम की घोषणा होने के बाद राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर इस जीत को जनता की जीत बताया था. उन्होंने कहा था कि जनता बदलाव चाहती थी, इसलिए उन्होंने हमें मौका दिया है. ध्यान हो कि कांग्रेस पार्टी को राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी की तुलना में ज्यादा सीटें मिली हैं. पार्टी छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ जीती है तो मध्यप्रदेश में पार्टी बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब है. 

राजस्थान विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत का आकंड़ा छूने के बाद कांग्रेस पार्टी अपने जीते हुए विधायकों के साथ बुधवार को बैठक करने जा रही है. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में पार्टी की अगली रणनीति के साथ-साथ मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा हो सकती है. बता दें कि कांग्रेस पार्टी को राजस्थान को 99 सीटें मिली हैं. वह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने जा रही है. 



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Accept People’s Mandate, Says PM Modi After Election Results


PM Modi referred to the assembly election results in a series of tweets.

New Delhi: 

The counting of votes in Madhya Pradesh far from over, Prime Minister Narendra Modi tweeted his congratulations for the Congress, Telangana’s K Chandrashekar Rao and the Mizo National Front for their victories in the assembly elections this evening. “We accept the people’s mandate with humility,” his tweet read.

The BJP has lost two of the heartland states it ruled – Rajasthan and Chhattisgarh – to the Congress. But in Madhya Pradesh, the two parties are locked in a close tussle. In Telangana and Mizoram too, its performance has been dismal despite high hopes of a good showing.

“Victory and defeat are an integral part of life,” PM Modi said in a series of tweets. “Today’s results will further our resolve to serve people and work even harder for the development of India”.

In another tweet, the Prime Minister said:

This last round of assembly elections in five states were seen as dress rehearsal for the national elections that will be held next year. But various leaders of the BJP said the results will not affect the BJP’s chances, since state elections are contested on local issues. 

“The 2019 fight will be about who is up against PM Modi,” said Raman Singh, the BJP’s three-time Chief Minister from Chhattisgarh, who stepped down this evening.  The BJP suffered a shock defeat in the state, where the Congress is ahead in 68 of the 90 assembly seats.

Union minister Arun Jaitley said, “We have done reasonably well. We have to introspect. The cadres will have an honest analysis “.

The party, he said, has performed “exceedingly well” in Rajasthan, where “it was predicted that we will be way behind”.  The Congress is ahead in 101 seats – one above the majority mark – in the state that for the last two decades has voted out the incumbent government. But the Congress score has not been the sweep it expected. The BJP, under the leadership of Vasundhara Raje, is ahead in 73 seats. Elections were held for 199 seats in the 200-member assembly. 

In Madhya Pradesh, the Congress is in a close race with the BJP, which is hoping for a fourth term for three-time Chief Minister Shivraj Singh Chouhan.  “In MP the final jury is still out. We will wait for the last vote to be counted,” Mr Jaitley said.

The Congress triumph comes as Rahul Gandhi completes a year at the helm of the party. The results are expected to boost his leadership quotient and help the party get a key position at the frontlines of the opposition’s grand alliance that is being planned.

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