मोदी सरकार को सत्ता में आने से रोकने के लिए SP-BSP गठबंधन सकारात्मक पहल : AAP


आप ने कहा ‘बीजेपी को रोकने के लिए राज्यों की स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित इस तरह के गठबंधन समय की मांग हैं.’

मोदी सरकार को सत्ता में आने से रोकने के लिए SP-BSP गठबंधन सकारात्मक पहल : AAP

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार को देश की सत्ता से दूर करने के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता जरूरी है (फाइल फोटो)





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Madhya Pradesh bureaucrat Niyaz Khan shows his pain on twitter | MP में सत्ता बदलते ही छलका एक प्रशासनिक अधिकारी का दर्द, बताया ‘खान’ सरनेम से हैं परेशान


अजय शर्मा, भोपाल: अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम पर लिखे गए उपन्यास को लेकर चर्चाओं में रहे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियाज खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने खान सरनेम को लेकर अपने ट्विटर एकाउंट पर जमकर भड़ास निकाली है. आपको बता दें कि नियाज फिलहाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं. उनका कहना है कि देश में मुस्लिम अधिकारियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है. नियाज ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘खान’ शब्द उनके साथ भूत की तरह चिपका हुआ है.

देवास में अपनी पीड़ा बताते हुए नियाज ने कहा है कि 17 साल की नौकरी में उनके 19 तबादले 10 विभिन्न जिलों में किए गए हैं. नियाज का कहना है कि गुना जिले में पदस्थ रहते हुए देश का सबसे बड़ा ओडीएफ घोटाला पकड़ने के बावजूद उन्हें लूप लाइन पोस्टिंग दे दी गई, जबकि जिन्होंने घोटाला किया वे आज भी प्राइम पोस्टिंग पर बैठे हुए हैं.

नियाज ने अपने ट्वीट में गुना जिले में 600 मुक्तिधामों को मुक्त कराने का भी उल्लेख किया है. नियाज ने कहा है कि भोपाल में डेढ़ साल से ऊपर होने को आया लेकिन उन्हें अभी तक सरकारी आवास तक आवंटित नहीं किया गया है. नियाज ने इस बात का भी खुलासा किया है कि वे अब अपना छठा उपन्यास लिख रहे हैं जिसमें मुस्लिम अधिकारियों के साथ जिस तरह का दोयम दर्जे का व्यवहार होता है उस पीड़ा को उजागर करेंगे.

नियाज ने सिलसिलेवार 5 ट्वीट किए हैं…

TWEET 1- सरकारी सेवा में 17 साल, 10 जिलों में स्थानांतरण और 19 पारी में, मुझे हमेशा एक जर्मन यहूदी की तरह अछूत महसूस कराया गया. खान उपनाम ने मुझे भूत की तरह मार डाला.
TWEET 2- गुना जिले में मैंने देश के सबसे बड़े ओडीएफ घोटाले और सहरिया जनजातियों के खिलाफ क्रूरता का पर्दाफाश किया. 600 मुक्तिधाम और परिणाम बनाए गए: मुझे लूप लाइन में भेजा गया और दोषी अधिकारियों को काम करने का बेहतर अवसर दिया गया. यह किस तरह का न्याय है?
TWEET 3- यहां तक कि सरकारी तिमाही को एक वर्ष से अधिक समय में आवंटित नहीं किया गया है.
TWEET 4- एक समय था जब मैं अवसाद के कगार पर पहुंच गया था लेकिन साहित्य ने मुझे गिरने से बचा लिया. मैंने अपने साथ हुए भेदभाव को सृजन में बदल दिया है और अब मैं पांच उपन्यासों के साथ अंग्रेजी उपन्यासकार हूं.
TWEET 5- अब मैं अपना छठा उपन्यास ‘ए टेल ऑफ़ नोक्टूरल लवर’ लिख रहा हूं, जिसमें मैं दिखाऊंगा कि कैसे मुस्लिम अधिकारियों को द्वितीय श्रेणी का नागरिक माना जाता है. यह मेरे अपने अनुभवों पर आधारित है.





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Madhya Pradesh Congress says to ban RSS ‘shakhas’ in Government buildings and premises in manifesto | कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किया वादा, सत्ता में आई तो सरकारी दफ्तरों में संघ की शाखा पर लगेगा बैन


नई दिल्ली: मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने शनिवार को अपना घोषणा पत्र ‘वचन पत्र’ के नाम से जारी कर दिया है. भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की मध्‍य प्रदेश इकाई के प्रमुख कमलनाथ , कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने अन्‍य कांग्रेस नेताओं के साथ पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया. कांग्रेस ने इसमें नारा दिया है ‘आओ बनाएं मध्‍य प्रदेश, फिर सजाएं अपना प्रदेश.’ लेकिन, घोषणा पत्र के अंदर एक पन्ने पर संघ को लेकर कुछ ऐसी बातें लिखीं हैं जो बताता है कि कांग्रेस सत्ता में आई तो आरआरएस के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है.

सरकारी दफ्तरों में संघ की शाखाओं पर कांग्रेस की न
आपको बता दें कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखित रुप से इस बात का वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सरकारी कार्यालयों में संघ की शाखाओं पर बैन लगाया जाएगा. घोषणा पत्र के 80वें पन्ने पर 47.62वें बिन्दु में जिक्र किया गया है कि “शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखायें लगाने पर प्रतिबंध लगायेंगे तथा शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे.”

Congress manifesto

ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात
इसके अलावा उस पन्ने पर लोकायुक्त का गठन नए सिरे से करने, ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात भी कही गई है. इसके साथ ही लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए जांच आयोग गठित करने का वादा भी किया गया है.

किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिये शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए वादा किया कि प्रदेश में सत्ता में आने पर किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये जाएगें. इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को वेतन अनुदान देने का भी वचन दिया है. कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों को कृषि भूमि रजिस्ट्री शुल्क में छूट देने और छोटे किसानों को कन्या विवाह हेतु 51,000 रुपये की सहायता देने का भी वादा किया है.

112 पन्ने का ‘वचन पत्र’ जारी
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता में पार्टी का 112 पन्ने का ‘वचन पत्र’ जारी करते हुए इसे प्रदेश की जनता की आवाज बताया और कहा कि इसे समाज के हर वर्ग के साथ गहन विचार विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है. कांग्रेस द्वारा जारी किये गये इस वचन पत्र में कर्मचारी, हस्तशिल्पी, आम जनता, महिला, पत्रकार सहित सभी वर्गो के लिये कुछ न कुछ अच्छा करने का वादा किया गया है, लेकिन सबसे अधिक किसान और युवा वर्ग पर ध्यान दिया गया है.

मध्'€à¤¯ प्रदेश चुनाव : कांग्रेस ने जारी किया 'वचन पत्र', हर वर्ग के विकास का दावा

किसानों के लिए घोषणाओं की बौछार
प्रदेश कांग्रेस ने किसानों के लिए घोषणाओं की बौछार करते हुए दो लाख रुपये तक कर्ज माफ करने, 60 वर्ष की आयु के छोटे किसानों को 1,000 मासिक पेंशन देने, बिजली बिल आधा करने, गेहूं, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, सरसों, कपास, अरहर, मूंग, चना एवं मसूर, उड़द, लहसुन, प्याज, टमाटर एवं गन्ना पर बोनस देने, दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर बोनस देने, कृषि भूमि की रजिस्ट्री में छूट के तहत पुरुष किसान को 6 फीसद तथा महिला किसान को 3 प्रतिशत का रियायती शुल्क लेने सहित डीजल-पेट्रोल पर छूट देने का वादा किया गया है. कांग्रेस ने इसके साथ ही मंदसौर पुलिस गोली कांड जिसमें छह किसानों की मौत हुई थी, की पुन: न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की भी घोषणा की है. इसके साथ ही किसानों को दो लाख रुपये तक के कृषि उपकरण खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की गई है.

युवाओं पर भी रहा खास फोकस
वचन पत्र में प्रदेश में 50 करोड़ रुपये के निवेश और प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को पांच वर्ष के लिये 10,000 रुपये वेतन अनुदान देने और विवेकानंद युवा शक्ति निर्माण मिशन के तहत टूरिस्ट गाइड, अधिवक्ता या आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र में नया कार्य करने वालों को पांच वर्ष तक 4,000 रुपये प्रतिमाह सहभागिता प्रोत्साहन राशि देने का वादा भी किया गया है.

युवा आयोग के गठन की घोषणा
कांग्रेस ने प्रदेश में सत्ता में आने के बाद युवाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने के लिये युवा आयोग के गठन की भी घोषणा की है. कांग्रेस ने स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों को जीएसटी में राहत देने की बात भी कही है.

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बुजुर्गों की पेंशन 1,000 रुपये प्रतिमाह
प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के तहत बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन राशि को 3,00 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह करने का वादा किया गया है तथा गरीबों को 100 रुपये प्रति माह गैस सिलेण्डर का अनुदान देने और लड़कियों को स्नात्कोत्तर तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है.

सामान्य वर्ग आयोग का करेगी गठन
समाज के सामान्य वर्ग की समस्याओं पर ध्यान देने के लिये कांग्रेस ने सामान्य वर्ग आयोग के गठन की घोषणा की है. कांग्रेस ने सभी विभागों के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, सफाई कर्मियों को नियमित करने, वरिष्ठ नागरिकों के लिये वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड का गठन करने, वकीलों एवं पत्रकारों के लिये सुरक्षा अधिनियम लागू करने, प्रदेश में चार नए मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा भी वचन पत्र में किया है.

व्यापमं घोटाले की जांच का वादा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा के पिछले 15 सालों के शासन काल में हुए व्यापमं जैसे घोटालों की जांच के लिये जन आयोग के गठन की बात भी कही है. इसके साथ ही लोक सेवा प्रदाय गारंटी के स्थान पर जन जवाबदेह कानून बनाने का भी वादा किया गया है.

ज्योतिरादित्य ने साधा भाजपा पर निशाना 
कांग्रेस के 112 पृष्ठ के वचन पत्र में 50 विषयों पर 973 बिन्दुओं पर वचन किया गया है. वचन पत्र जारी करने के मौके पर प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी उपस्थित थे. इस दौरान भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सिंधिया ने कहा, “हम वचन पत्र लेकर आये हैं. भाजपा जैसा जुमला पत्र नहीं. इस वचन पत्र में सभी वर्ग के कल्याण के लिये वचन किया गया है.”





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exclusive interview: sachin pilot said, congress will win rajasthan assembly election 2018 | Exclusive: राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता में लाने तक मैं न रुकने वाला हूं, न थकने वाला हूं


जयपुर: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के जयपुर दौरे से राजस्थान में परिवर्तन की बयार का आगाज होगा. यह कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का पायलट का. जी मीडिया से खास बातचीत में पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करेगी और विधानसभा चुनाव का शंखनाद होगा. पायलट ने भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान गौरव यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक वर्ग सरकार के शासन में परेशान रहा है तो आखिर बीजेपी सरकार को किस बात पर गौरव हो रहा है. सचिन पायलट ने सीएम से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर बीजेपी शासन में इतना ही विकास हुआ है तो क्यों सरकार कांग्रेस के सवालों के जवाब नहीं दे पा रही. पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा के बाद प्रदेश कांग्रेस के नेता भी राजस्थान की यात्रा पर निकलेंगे. सचिन पायलट से इन तमाम मुद्दों को लेकर बातचीत की संवाददाता सुशान्त पारीक ने.

सवाल- विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की इस यात्रा के क्या मायने हैं?
जवाब-
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी पहली बार जयपुर आ रहे हैं. एक तरीके से राहुल गांधी की यात्रा राजस्थान कांग्रेस में चुनावी शंखनाद होगी. कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार होगा राहुल गांधी के लिए लीडरशिप में चुनाव लड़ा जा रहा है तो उनके आने से नए सिरे से चुनावी अभियान का आगाज होगा. राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा.

सवाल- क्या राहुल गांधी की यात्रा वसुंधरा राजे के राजस्थान का गौरव यात्रा का जवाब देने की कोशिश है?
जवाब- मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अब राजस्थान की यात्रा पर निकली है और हम साढ़े चार साल से राजस्थान की यात्रा कर रहे हैं. और यही वजह है कि अब मुख्यमंत्री को यात्रा पर निकलना पड़ा. राहुल गांधी और वसुंधरा राजे की यात्रा की कोई तुलना नहीं है. राहुल गांधी राजस्थान में परिवर्तन की बयार का आगाज जयपुर से करेंगे. उसके बाद अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर भी कई जिलों के दौरे करेंगे. वसुंधरा सरकार राजस्थान की जनता को सुशासन देने में नाकामयाब रही है. तो सवाल यह है कि आखिर किस बात पर गर्व किया जा रहा है. जब प्रत्येक वर्ग परेशान हो तो सरकार को गौरव यात्रा नहीं बल्कि जवाबदेही यात्रा निकालनी चाहिए.

सवाल- आप किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं क्या यह चुनावी रणनीति है?
जवाब- देखिए यह शर्मनाक है कि राजस्थान में धरतीपुत्र की हालत दयनीय हो रही है. किसान आत्महत्या पर मजबूर है. नागौर में दलित और दिव्यांग किसान का मामला सबके सामने है. एक तरफ नीरव मोदी जैसे बिजनेसमैन लाखों करोड़ का फ्रॉड करके फरार हो रहे हैं. वहीं लोन के 80 हजार बकाया के लिए मंगलचंद नाम के इस किसान की कुर्की निकाल दी गई. मैंने उस परिवार से मुलाकात की है. लोन की बकाया 80 हजार की राशि कांग्रेस पार्टी ने चुकाई है, लेकिन यह मामला बताता है कि देश और राजस्थान में किस तरह से आर्थिक विषमता का माहौल है. जब किसान की शव यात्रा निकल रही हो ऐसे माहौल में राजस्थान गौरव यात्रा के कोई मायने नहीं है.

सवाल- सीएम का आरोप है कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाती है इसलिए जनता इस बार, एक बार कांग्रेस, एक बार बीजेपी की परंपरा को बदलने वाली है.
जवाब- देखिए भारतीय जनता पार्टी की जब सरकार बनी थी उन्होंने 611 वायदे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ. सरकार बनी तब एक लाख 40 हजार करोड़ का कर्ज था जो आज 2 लाख 50 हजार करोड़ का हो चुका है. सरकारी कंपनियों का दिवाला निकल चुका है. सरकारी स्कूलों को पब्लिक कंपनियों को दिया जा चुका है युवाओं के पास रोजगार नहीं है. जुमलेबाजी के तौर पर कोई भी बयान देना ठीक है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है. सरकारी धन का दुरुपयोग कर बड़ी-बड़ी सभाएं की जा रही हैं तो हो सकता है कि जनता मुख्यमंत्री को उनको देखने आए लेकिन जब चुनाव में वोट डालने का समय आएगा तो जनता उसके लिए अभी से अपना मन बना चुकी है और इसकी बानगी उपचुनाव में हम देख चुके हैं.

सवाल- आप जमीन से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं लेकिन बीजेपी मुख्यमंत्री कह रही हैं कि कांग्रेस कहीं भी मुकाबले में ही नहीं है?
जवाब- समझ में नहीं आ रहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले सालों में एक भी प्रधानी का चुनाव नहीं जीता, एक भी उपचुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए. राजस्थान में जब भी उपचुनाव हुए भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हुआ तो आखिर किस आधार पर सीएम यह बात कह रही हैं. वैसे भी चुनाव में किसी भी पार्टी को गलतफहमी का शिकार नहीं होना चाहिए. जनता जनार्दन ही अपनी सरकार चुनती है इस बार जनता ने कांग्रेस को सत्ता में लाने का मन बना लिया.

सवाल- भारतीय जनता पार्टी 180 का आंकड़ा कह रही है, आपने सीटें निर्धारित की है?
जवाब- बीजेपी का 180 का आंकड़ा बेहद हास्यास्पद है. कांग्रेस ने कोई फिगर डिसाइड नहीं किया है लेकिन मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि अब तक का राजस्थान में कांग्रेस सबसे बड़ा बहुमत हासिल करने जा रही है. पिछले जितने भी सीटों के लिए रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम रहे हैं इस बार टूट जाएंगे.

सवाल- बीजेपी आरोप लगाती है क्योंकि उसके पास सीएम पद का कोई चेहरा नहीं है और यह चुनावी मुद्दा भी बनेगा?
जवाब- राजस्थान की जनता से जुड़े बहुत मुद्दे हैं जिनको उठाने की जरूरत है. कांग्रेस में कभी सीएम पद का चेहरा घोषित करने की परंपरा नहीं रही है कुछ अपवाद को छोड़कर. राजस्थान में भी यही परंपरा जारी रहेगी. राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा. जीत के बाद कांग्रेस का जो एक तरीका है उसी के आधार पर सीएम चुना जाता है. यह सबको पता है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने किस मजबूरी में वसुंधरा राजे को सीएम पद का चेहरा घोषित किया है.

सवाल- अभी दिल्ली में आप की राहुल गांधी से मुलाकात हुई बंद कमरे में क्या बातचीत हुई है?
जवाब- राहुल गांधी को हमने जयपुर आने के लिए इनवाइट किया था. उसी के संबंध में बातचीत हुई इसके अलावा राजस्थान चुनाव को लेकर फीडबैक दिया है. आने वाले दिनों में राजस्थान कांग्रेस किस तरीके से अपनी रणनीति बनाने जा रही है उस पर बातचीत हुई थी.

सवाल- क्या राजस्थान कांग्रेस के मुखिया के नाते आप भी चुनावी यात्रा पर निकलने जा रहे हैं?
जवाब- बिल्कुल चुनाव में यात्राएं बेहद जरूरी हैं. वैसे हमने मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत पूरे राजस्थान की यात्रा की है. लेकिन राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस की यात्रा का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है इसमें कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे.

सवाल- आप 16 से 18 घंटे काम कर रहे हैं. बहुत सक्रिय हैं. कभी जयपुर कभी दिल्ली के बीच सफर करते हैं इस उर्जा का राज क्या है?
जवाब- मुझसे ज्यादा मेहनत करने वाले लोग कांग्रेस पार्टी में हैं. मुझे राहुल गांधी ने मौका दिया है. वैसे भी किसी भी नेता के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत जनता होती है. जनता का प्यार मुझे लगातार मिल रहा है और अब केवल एक ही टारगेट है. राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता में लाना. उसे हासिल किए बिना मैं ना रुकने वाला हूं न थकने वाला हूं. 





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Mamata Banerjee Attacks BJP and says Those who cant make a pandal, want to build a country? – 2019 में सत्ता से बीजेपी को हटाने का ममता बनर्जी ने लिया संकल्प, कहा


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है. टीएमसी याी तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की सत्ता से बीजेपी को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया और भविष्यवाणी की कि पीएम नरेंद्र मोदी की पार्टी को 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़ा झटका मिलेगा और पार्टी सौ सीटों के भीतर सिमट कर रह जाएगी. 

हाल में बीजेपी का दामन छोड़ने वाले चंदन मित्रा ने थामा TMC का हाथ, 4 कांग्रेसी विधायक भी हुए शामिल

कोलकाता में टीएमसी की वार्षिक शहीदी दिवस रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल रास्ता दिखाएगा. बता दें कि 1993 में विक्टोरिया हाउस के बाहर कांग्रेस के 13 यूथ वर्कर को मार दिया गया था. जिसके बाद से हर साल यहां शहीदी दिवस मनाया जाता है. 


ममता बनर्जी ने मिदनापुर रैली में पीएम मोदी के भाषण के दौरान पंडाल गिरने की घटना का संदर्भ देते हुए बीजेपी पर तंज कसा और कहा कि ‘जो लोग पंडाल नहीं बना सकते हैं, वह देश को बनाना चाहते हैं?’ बता दें कि इसी सप्ताह बंगाल के मिदनापुर में पीएम मोदी की रैली के दौरान पंडाल गिरने से करीब 90 लोग घायल हो गये थे. 

PM मोदी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा भी खतरे में है

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रैली के दौरान ही ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस आगामी 15 अगस्त से मोदी सरकार के खिलाफ ‘बीजेपी हटाओ, देश बचाओ’ अभियान की शुरुआत करेगी. साथ ही 19 जनवरी को एक मेगा रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से राजनेता शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि हम 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से सभी 42 सीटें जीतेंगे.

VIDEO: रणनीति इंट्रो : दीदी के गढ़ में सेंध लगा पाएगी बीजेपी ?



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Tej Pratap Yadav conducted Sattu with Tej Pratap program at Mahua |तेज प्रताप की सत्तू पर सियासत, नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार को दिया रिक्शा चैलेंज


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Tej Pratap Yadav will organise sattu party in Mahua|चाय पार्टी के बाद सत्तू पार्टी करेंगे तेज प्रताप, महुआ में लालू के अंदाज में आएंगे नजर


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Sanjay Raut । ऑडियो क्लिप पर शिवसेना का पलटवार, ‘सत्ता पाने के बाद कुत्ता भी खुद को शेर समझता है’


मुंबई : महाराष्ट्र के  पालघर लोकसभा सीट पर 28 मई को उपचुनाव होना है. चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में जुबानी जंग तेज हो गई है. यहां शिवसेना और बीजेपी ही एकदूसरे के कड़े राजनीतिक दुश्मन बने हुए हैं और दोनों ही पार्टियां एकदूसरे पर खुलकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. आदिवासी के लिए सुरक्षित इस सीट पर बीजेपी सांसद चिंतामण वनगा की मौत के बाद फिर से चुनाव कराए जा रहे हैं. 30 जनवरी को उनका निधन हुआ था. 

ऑडियो क्लिप कांड के बाद यहां शिवसेना बीजेपी पर और अधिक हमलावर हो गई है. शिवसेना के विरिष्ठ नेता तथा सांसद संजय राउत ने एक कदम आगे बढ़कर मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की. राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री में इस समय अहंकार भरा हुआ है. उन्होंने कहा कि हम सब ने देखा है कि राजनीति में आने के बाद सभी में अहंकार आ जाता है, यहां तक कि एक कुत्ता भी सत्ता में आने के बाद खुद को शेर समझने लगता है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि विरोधी दल के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल एक मुख्यमंत्री को शोभा नही देता. 

ऑडियो क्लिप पर घमासान
चुनाव से पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक ऑडियो क्लिप जारी किया है, जिसमें वह बीजेपी कार्यकर्ताओं से चुनाव जीतने के लिए कथित तौर पर हर तौर-तरीका अपनाने की अपील करते सुनाई दे रहे हैं. उद्धव ठाकरे ने पालघर में एक रैली को संबोधित करते हुए ऑडियो क्लिप जारी किया. 

और बढ़ा विवाद : बीजेपी-शिवसेना ने एक-दूसरे पर किए हमले!

फडणवीस को क्लिप में कहते सुना जा रहा है, ‘पालघर में यदि कोई हमारे वजूद को चुनौती दे रहा है और हमसे विश्वासघात कर रहा है, हमारा सहयोगी बताते हुए हमारे पीठ में छुरा मारा है, तो उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए. हमें अब चुप नहीं बैठना चाहिए. हमें बड़ा हमला करना चाहिए और उन्हें दिखा देना चाहिए कि बीजेपी क्या है.’ उन्होंने कथित तौर पर कहा, ‘यदि हम इस चुनाव को जीतना चाहते हैं, तो उसी तरह का जवाब देना होगा. साम, दाम, दंड, भेद’ का इस्तेमाल कर जवाब दें. किसी की धौंस बर्दाश्त नहीं करें. उलटा उन पर धौंस जमाएं, मैं आपके पीछे खड़ा रहूंगा.’ 

इस पर बीजेपी ने आरोप लगाया कि शिवसेना ने ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की है और वह पूरी क्लिप जल्द ही जारी करेगी. 

कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
ऑडियो जारी करने के बाद उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग से फडणवीस के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी ने भी चुनाव आयोग से क्लिप की जांच कराने की मांग की. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने ऑडियो क्लिप पर फडणवीस का स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को क्लिप के बारे में स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए. हम चुनाव आयोग से इसकी जांच और उचित कार्रवाई करने की मांग करते हैं. 

चव्हाण ने एक ट्वीट में कहा, ‘यदि क्लिप सही है तो मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन यदि यह फर्जी है तो फडणवीस को उद्धव ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ 

चिंतामण वनगा पर खिंचातानी
यहां शिवसेना ने चिंतामण वंगा के बेटे श्रीनिवास चिंतामण वनगा को ही अपना उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस शासन में आदिवासी कल्याण मंत्री रहे राजेंद्र गावित को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन बीजेपी चिंतामण के नाम पर ही यहां वोट मांग रही है. हितेंद्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास आघाडी ने बलिराम जाधव को अपना उम्मीदवार बनाया है. बिलराम को बीजेपी और शिवसेना की लड़ाई का फायदा मिलने की उम्मीद है. पालघर में 6 विधानसभा सीट हैं, जिनमें से तीन सीटों पर बहुजन विकास आघाडी के विधायक हैं. पालघर विधानसभा सीट पर शिवसेना का कब्जा है तो बाकि दो सीटें बीजेपी के पास हैं. 

नालासोपारा में उत्तर भारतीयों की संख्या काफी है, इसलिए बीजेपी ने इस इलाके में मनोज तिवारी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस इलाके का दौरा कर चुके हैं. 





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Uddhav Thackeray । ‘भाजपा की युवा पीढ़ी में हिंदुत्व के आदर्श नहीं, सत्ता मिलने के बाद हो BJP हुई अहंकारी’


मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की युवा पीढ़ी में हिंदुत्व के आदर्श नहीं झलकते. शिवसेना प्रमुख से यह पूछा गया था कि क्या उन्हें इस बात का अफसोस है कि पिछले 25 साल से भारतीय जनता पार्टी उनकी सहयोगी है, उद्धव ने कहा, ‘‘यह दुभाग्यपूर्ण है, कुछ चीजों को लेकर अफसोस है, क्योंकि भाजपा की नयी पीढ़ी में हिंदुत्व के आदर्श नहीं दिखते.’’

मराठी समाचार चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ‘‘अहंकारी’’ हो गयी है. उन्होंने कहा कि इस महीने की 28 तारीख को होने वाला पालघर लोकसभा उप चुनाव अहंकार और वफादारी के बीच होगा. उन्होंने कहा, ‘‘वह सत्ता में आने के बाद अहंकारी हो गए हैं, लेकिन हम लोग पालघर उप चुनाव उन्हें सचाई से अवगत कराने के लिए लड़ रहे हैं.’’

विरार में शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान अपना खड़ाऊं नहीं उतारने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी शिवसेना प्रमुख बरसे. उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रतिरूप शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष जाने से पहले खड़ाऊं उतारना उनके प्रति सम्मान प्रकट करना है और यह समान्य प्रक्रिया है. उद्धव ने कहा, ‘‘योगी ने ऐसा नहीं किया. उनसे और क्या अपेक्षा की जा सकती है? यह शिवाजी महाराज का अपमान है.’’ उन्होंने कहा कि अगर आदित्यनाथ एक योगी हैं तो शिवाजी ‘‘श्रीमंत योगी’’ हैं.

बालासाहेब ने BJP के ‘बुरे कर्मों’ को बर्दाश्त किया, मैं नहीं करूंगा: उद्धव ठाकरे की चेतावनी

वहीं दूसरी ओर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार (25 मई) को कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे ने भाजपा के ‘‘बुरे कर्मों’’ को बर्दाश्त किया, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे. पालघर लोकसभा उपचुनाव के लिए शिवसेना के उम्मीदवार श्रीनिवास वनगा के लिए धनाऊ में एक प्रचार रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी 25 वर्षों तक हिंदुत्व के लिए भाजपा के साथ रही. उन्होंने कहा, ‘‘बालासाहेब ने इसे (भाजपा के बुरे कर्मों को) बर्दाश्त किया. हमने बहुत कर लिया और मैं अब इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा.’’





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