Bigg Boss 12 Jasleen Matharu Anup Jalota Relationship disclose video viral – Bigg Boss 12: जसलीन मथारू ने अनूप जलोटा लेकर फोड़ा बम, बोलीं- मैं एक बात क्लियर कर दूं कि…


खास बातें

  1. बिग बॉस के घर से निकलीं जसलीन
  2. बाहर आकर मीडिया से कही ये बात
  3. फिर सोशल मीडिया की सुर्खियों में

नई दिल्ली: बिग बॉस 12 (Bigg Boss 12) में अनूप जलोटा  (Anup Jalota) संग कंटेस्टेंट बनकर एंट्री लेने वाली जसलीन मथारू (Jasleen Matharu) पिछले हफ्ते के इविक्शन में घर से बेघर हो गईं. जसलीन मथारू के अलावा उनके साथ मराठी बिग बॉस की विनर मेघा धाडे (Megha Dhade) भी इविक्ट हुईं. बिग बॉस के घर से बाहर निकलने के बाद मीडिया के सामने जाने पर जसलीन मथारू के सामने सबसे पहले एक ही सवाल सामने आया कि भजन सम्राट अनूप जलोटा संग उनका क्या रिश्ता है. इस सवाल पर जसलीन ने जबरदस्त बम फोड़ते हुए खुलासा कर दिया. उनका कहना है कि बिग बॉस में विचित्र जोड़ी की जरूरत थी और हम पहले गुरु-शिष्य की जोड़ी में जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले मैंने ही यह प्रैंक कर दिया, जिसपर अनूप जलोटा भी हैरान रह गए.

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एक मीडिया रिपोर्टर के सवालों का जवाब देते हुए जसलीन मथारू (Jasleen Matharu) ने अनूप जलोटा (Anup Jalota) को लेकर खुलासा कर ही दिया. जसलीन ने बिग बॉस में एंट्री लेने से पहले सलमान खान के सामने स्टेज पर हुए पूरे कहानी को विस्तार से बताया.

उन्होंने कहा, ”मैं ये एक बात क्लियर कर दूं कि हम (अनूप जलोटा के साथ) स्टेज पर गए और उन्होंने अनाउंस कर दिया कि जसलीन मेरी शिष्य हैं और वह स्टेज पर आए. जैसे ही मैं वहां (स्टेज पर) गई तो मुझे लगा कि एक अच्छा सा प्रैंक स्टेज पर कर देते हैं. यह मेरा ही आइडिया था वो और फिर मैंने कहा कि 3 साल से हम रिलेशनशिप में हैं. इसके बाद अनूपजी का ऐसा रिएक्शन था कि वो उस वक्त अब क्या बोले. मुझे लगा वह मजाक में वो चीज़ टाल देंगे, लेकिन वह हुई नहीं. यह पूरा माजरा क्लियर नहीं हुआ और घर के अंदर चले गए. हालांकि हम जोड़ी में गुरू-शिष्य ही गए थे.”

 

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टिप्पणियां


जिस बात को लेकर जसलीन मथारू (Jasleen Matharu) बिग बॉस में काफी बवाल हुआ और सोशल मीडिया पर खूब छाई रहीं. अब उसे जसलीन ने प्रैंक बताया है. फिलहाल बिग बॉस को खत्म होने में कुछ ही दिन बचे हुए हैं. जसलीन-मेघा के निकलने के बाद बिग बॉस में अब रोमिल चौधरी, दीपक ठाकुर, दिपिका कक्कड़, श्रीसंत, रोहित, सोमी खान, करणवीर बोहरा और सुरभि राणा ही बची हुईं हैं. देखना होगा कि आखिर में कौन बिग बॉस के घर में कुल 8 में से टॉप 5 कंटेस्टेंट कौन होते हैं.

…और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें…





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वोटिंग को लेकर युवाओं में उत्साह, सीएम शिवराज के बेटे ने भी डाला अपना पहला वोट


नई दिल्‍ली : मध्य प्रदेश विधानसभा की सभी 230 सीटों के लिए बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 8 बजे से मतदान जारी है. इससे पहले बालाघाट जिले की तीन सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई. राज्य में वोटरों में अच्छा-खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. सभी पोलिंग बूथों पर लोगों की कतारें दिख रही हैं.

LIVE UPDATES

– गुना के बमौरी में परांठ गांव पोलिंग बूथ पर पीठासीन अधिकारी सोहनलाल बाथम की हार्ट अटैक से मौत हो गई. उधर, इंदौर विधनसभा-5 के दीपिका बाल मंदिर नेहरू नगर के पीठासीन अधिकारी कैलाश पटेल को भी हार्टअटैक आया. उन्हें शहर के शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

वोटिंग शुरू होते ही ईव्हीएम मशीनों में खराबी आने की समस्या शुरू हो गई है. आगर मालवा के पोलिंग बूथ नंबर 139 और 140 पर मशीन खराब हुई है. इसके अलावा भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा में कोपल स्कूल के पोलिंग बूथ पर EVM में खराबी आई. शहडोल में भी इस तरह की समस्या सामने आई है. उधर, डबरा विधानसभा के मतदान केंद्र 178 पर ईव्हीएम खराब होने से आधे घंटे से वोटिंग रुकी है. इसके अलावा गुना के राघौगढ़ में EVM खराबी आई है. वहीं, अलीराजपुर के पोलिंग बूथ नंबर 86 पर ईव्हीएम खराब हुई. भिंड के पोलिंग बूथ नंबर 132 और 72 में भी मशीन खराब हुई है. इसके चलते यहां सपा प्रत्याशी नरेंद्र कुशवाह को बिना बोट डाले लौटना पड़ा.

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EVM में खराबी के बाद चेकिंग करती टीम.

सुबह 8 बजे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह के साथ अपने गांव जैत में मतदान किया. इससे पहले बीजेपी नेता शिवराज सिंह ने पत्नी और बेटों के साथ अपने पैतृक गांव जैत में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के कल्याण, सुख और समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मतदान है, इसलिए दर्शन-पूजन कर अब मताधिकार का उपयोग करने जा रहा हूं. बुधनी विधानसभा सीट पर इस बार शिवराज की टक्कर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव से है.

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परिवार सहित वोट डालने पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान.
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सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कुणाल ने भी पहली बार डाला वोट.

मध्‍य प्रदेश में सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मतदान
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने मंगलवार को कहा, ‘28 नवंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा की सभी 230 सीटों के लिए मतदान होगा. 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और बालाघाट जिले के तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों परसवाड़ा, बैहर एवं लांजी में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा.’ मिजोरम विधानसभा चुनाव LIVE : कड़ी सुरक्षा के बीच 40 सीटों पर वोटिंग शुरू

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ग्राफिक साभार: ANI

MP में 2,899 उम्मीदवार मैदान में
उन्होंने बताया कि कुल 5,04,95,251 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे जिनमें 2,63,01,300 पुरुष, 2,41,30,390 महिलाएं एवं 1,389 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. इनमें से 65,000 सर्विस मतदाता डाक मतपत्र से पहले ही मतदान कर चुके हैं. बाकी 5,04,33,079 मतदाता कल अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. राव ने कहा कि इस चुनाव के लिए 1,094 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 2,899 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,644 पुरुष, 250 महिलाएं एवं पांच ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

विधानसभा चुनाव 2018 : मध्य प्रदेश और मिजोरम में वोटिंग आज, BJP और कांग्रेस में टक्कर

MP में 65,367 मतदान केंद्र
मध्‍य प्रदेश में 65,367 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इनमें से 17,000 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किये गए हैं, जहां केन्द्रीय पुलिस बल और वेवकास्टिंग के साथ माइक्रो पर्यवेक्षक भी तैनात किये गए हैं. सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के लिए ईवीएम के साथ वीवीपैट का उपयोग होगा. 

राव ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए 1.80 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें केन्द्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि चुनावी तंत्र निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

3 लाख कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगे
राव ने बताया कि प्रदेश में कुल 3,00,782 कर्मचारी चुनाव कार्य में लगाए गए हैं, जिनमें 45,904 महिला कर्मचारी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 160 मतदान केन्द्र केवल दिव्यांग कर्मचारियों के जिम्मे रहेगें. ये बूथ पूरी तरह दिव्यांग कर्मचारी ही संचालित करेंगे. इसके अलावा 3,046 मतदान केन्द्र केवल महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किये जाएंगे. अटेर एवं मेहगांव दो विधानसभा सीटों में 32 से ज्यादा उम्मीदवार हैं. वहां पर तीन-तीन बैलट यूनिट लगाये जा रही हैं. वहीं, 45 सीटें ऐसे हैं, जहां पर 16 से 32 उम्मीदवार मैदान में हैं. वहां पर दो-दो बैलट यूनिट लगेंगी.

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छतरपुर विधानसभा सीट में सर्वाधिक महिला प्रत्‍याशी
छतरपुर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा सात महिला प्रत्याशी मैदान में है. वहां पर कुल 16 उम्मीदवार मैदान में है. वहीं मेहगांव में सबसे ज्यादा 33 पुरूष प्रत्याशी है. वहां पर कुल 34 प्रत्याशी मैदान में है. मतगणना 11 दिसंबर को होगी.

मिजोरम में सुबह 7 बजे से वोटिंग
मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अधिकारियों ने पहली बार सभी मतदान केंद्रों को वायरलेस संचार तंत्र से जोड़ने का फैसला किया है. मिजोरम में विधानसभा की 40 सीटों के लिए बुधवार को चुनाव होने हैं और राज्य के कई क्षेत्र दुर्गम हैं. मिजोरम के पुलिस उपमहानिरीक्षक (प्रशिक्षण और सशस्त्र शाखा) जोसफ लालछुआना ने कहा कि राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार सभी मतदान केंद्रों को वायरलेस संचार के दायरे में लाया जाएगा. इससे मतदान के बारे में समय से जानकारी मिल सकेगी.

MP में बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला
मध्य प्रदेश में इस बार भी मुख्य रूप से बीजेपी एवं कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है. हालांकि, प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) का दावा है कि वह दिल्ली वाली अपनी सफलता को राज्य में दोहराएगी, जहां 2015 के विधानसभा चुनाव में उसने कांग्रेस और बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था.

बीजेपी ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और एक सीट अपने सहयोगी शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के लिये छोड़ी है. आप 208 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, बसपा 227, शिवसेना 81 और सपा 52 सीटों पर चुनावी मैदान में है.

चुनाव मैदान में खड़ी कई चिल्लर पार्टियां प्रदेश के मुख्य दलों बीजेपी एवं कांग्रेस के लिए सिर दर्द बन गई हैं, क्योंकि ये इनकी जीत को हार में बदलने में अहम भूमिका अदा कर सकती हैं. इस अहम चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस पिछले 15 साल से सत्तारुढ़ बीजेपी को उखाड़ने के लिये प्रयास कर रही है जबकि बीजेपी ने लगातार चौथी दफा प्रदेश की सत्ता में आने के लिये अबकी बार 200 पार का लक्ष्य तय किया है.

मिजोरम में दिलचस्प है चुनावी लड़ाई
राज्य में मुख्यमंत्री लल थनहवला तीसरे बार मुख्यमंत्री बनने के लिए जबकि भाजपा पूर्वोत्तर के आखिरी गढ़ में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए जोर आजमाइश में लगी है. 1987 में एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद से मिजोरम में कांग्रेस और मिजोरम नेशनल पार्टी (एमएनएफ) सत्ता में है. दिलचस्प यह है कि तब से लेकर आज तक कोई भी पार्टी राज्य में दो बार से अधिक सरकार नहीं बना सकी है.  मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है. पूर्वोत्तर का यह एकमात्र राज्य है जहां भाजपा की सरकार नहीं है. राज्य की आबादी करीब 10 लाख है. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि मुख्य विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के खाते में पांच और मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस की झोली में एक सीट आई थी. कांग्रेस और मुख्य विपक्षी एमएनएफ ने 40-40 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किये हैं जबकि भाजपा 39 सीटों पर मैदान में है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनाव प्रचार के लिए राज्य पहुंचे थे.

कटनी के डीएसपी मनोज वर्मा सस्पेंड
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग के निर्देश पर कटनी जिले से ट्रांसफर किए गए पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मनोज वर्मा द्वारा पदभार ग्रहण न करने पर उन्हें मंगलवार को निलंबित कर दिया गया. पुलिस मुख्यालय से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार कटनी के उपाधीक्षक मनोज वर्मा का 24 नवंबर को पुलिस मुख्यालय भोपाल ट्रांसफर किया गया था, लेकिन मनोज वर्मा द्वारा आदेश की अवहेलना कर नियत समय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया. डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम-1966 के अंतर्गत अनुशासनहीनता के लिए वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में वर्मा का मुख्यालय कार्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है.





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पीएम मोदी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग के पास पहुंची कांग्रेस


भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की है. कांग्रेस का आरोप है कि पीएम मोदी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर जो भी आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं. कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री ने वीडियो का जिक्र अपने भाषण में किया है, वह एडिटेड वीडियो है. 

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फोटो साभार:ANI

दरअसल, मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेता कमलनाथ पर हमला बोलते हुए कहा, “http://zeenews.india.com/”मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कहते हैं कि गुंडा-बदमाश-लुटेरा-चोर कोई भी उम्मीदवार चलेगा बस जीतने वाला चाहिए. मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नामदार ने ऐसे लोगों को पसंद कर टिकट दिया है. जिन लोगों ने ऐसे उम्मीदवारों को चुना हो ऐसे लोगों के हाथ में मध्य प्रदेश नहीं जाना चाहिए.”http://zeenews.india.com/”

धोखा कांग्रेस के स्वभाव में है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए बोला कि धोखा करना कांग्रेस पार्टी के स्वभाव में है. कांग्रेस पार्टी के नेता लोगों को सपने बेचते हैं. ये जनता को गुमराह करने वाले लोग हैं इसलिए अब देश की जनता उन पर विश्वास नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी से अब तक झूठ बोलने की इतनी जबरदस्त प्रैक्टिस की है कि उसे झूठ बोलने में और झूठ गढ़ने में महारथ हासिल हो गई है. 

पीएम मोदी ने गौ रक्षा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गाय को शामिल किया है. ये बुरी बात नहीं है, लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या एमपी और केरल की कांग्रेस में फर्क है. एमपी के घोषणा पत्र में गाय का गुणगान किया जा रहा है. वहीं, केरल में कांग्रेस के लोग बीच रास्ते में लोग गाय को मारकर खाते हैं. तस्वीरें जारी कर कहते हैं कि गौमांस खाना हमारा अधिकार है. इन दोनों राज्यों की कांग्रेस के मुखिया नामदार हैं और क्या इन दोनों राज्यों की कांग्रेस में अंतर है. 

बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव पूर्व वादा किया था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर हर ग्राम पंचायत में गौशाला बनाई जाएगी, क्योंकि गाय की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गायों के लिए कुछ नहीं किया है. कमलनाथ ने कहा था, “बीजेपी गौमाता को लेकर बातें बड़ी-बड़ी करती है, जमीन पर करती कुछ नहीं. सैकड़ों गौमाता रोज मर रही हैं, लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है. बीजेपी गौमाता के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है. हम गौमाता को तड़पते हुए नहीं देख सकते.”





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राजस्थानः टिकट बंटवारे को लेकर मचा घमासान, राहुल गांधी एमपी दौरा बीच में छोड़ दिल्ली लौटेंगे


नई दिल्लीः राजस्थान विधानसभा चुनाव में 48 सीटों पर फंसे पेंच को निपटाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना मध्य प्रदेश का दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली लौट रहे हैं. राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शाम का शहडोल का प्रोग्राम रद्द कर दिया है वह वापस दिल्ली आकर राजस्थान के झगड़े को सुलझाने की कोशिश करेंगे. बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली पहुंचकर रात 8:00 बजे पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राजस्थान के पूर्व में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, रामेश्वर डूडी और स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन कुमारी शैलजा समेत सोनिया गांधी के पूर्व राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और कांग्रेस के चारों सचिव और राजस्थान को लेकर बनी कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के 4 सदस्य भी शामिल रहेंगे. 

राजस्थान के लिए अभी भी 48 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है यह वह सीटें हैं जहां पार्टी फैसला नहीं कर पा रही है, इनमें एक दर्जन सीटें ऐसी भी है जिनको लेकर अशोक गहलोत, राजेश पायलट और रामेश्वर डूडी में ठनी है. इन सीटों पर एक से ज्यादा उम्मीदवारों की मजबूत दावेदारी है. राहुल गांधी चाहते हैं कि इन सीटों पर आपसी विवाद खत्म हो जाए और कांग्रेस नेताओं में आपसे सहमति बन जाए. ऐसा भी हो सकता है कि शेष यह 48 सीटें आज रात में जारी हो जाए. 

हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ऊपर भी आरोप लग रहा है कि उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया. राहुल गांधी ने राजस्थान में कहा था कि पार्टी सच्चे कार्यकर्ता को ही टिकट देगी पैराशूट उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जाएगा. महिलाओं और युवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी लेकिन जो सूची कांग्रेस ने जारी की है इसका ठीक उल्टा हुआ है.

कांग्रेस ने 2 दिन पहले ही पार्टी के अंदर शामिल हुए दौसा के सांसद हरीश मीणा और नागौर के विधायक हबीबुर्रहमान को विधानसभा का टिकट दे दिया है. पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में रोष है. कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए मानवेंद्र सिंह के समर्थकों को भी टिकट दिया गया है जिसको लेकर भी कार्यकर्ता अपना विरोध जता रहे हैं.

राजस्थान में कई सीटों पर पार्टी कार्यकर्ता बाहरी लोगों को टिकट देने का आरोप लगा रहे हैं, साथी बड़े नेताओं पर अपने बच्चों को टिकट देने का आरोप लग रहा है. दरअसल कांग्रेस की पहली सूची में भाई भतीजा वाद खूब जमकर चला है.  जिन नेताओं के बच्चों को टिकट मिले हैं इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अबरार अहमद के बेटे दानिश, नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र चौधरी, मकबूल मंडेलिया के बेटे रफीक मंडेलिया को चूरू से टिकट दिया गया है, जबकि वह पिछला चुनाव हार चुके थे. कांग्रेस नेता महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या को पार्टी में विधानसभा का टिकट दिया गया है. इसके अलावा हीरालाल मंदिरा के इसके अलावा हीरालाल इंदौरा के बेटे कुलदीप को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है जबकि सहदेव शर्मा के बेटे प्रशांत को भी मौका मिल गया है. 

द्वारिका प्रसाद बैरवा के बेटे प्रशांत, गुलाब सिंह के बेटे गजेंद्र सिंह और रामनारायण चौधरी की बेटी रीता चौधरी को टिकट दिया गया है. यह सभी को सीटें हैं जिन पर कांग्रेस कार्यकर्ता टिकट मांग रहे थे लेकिन उनकी उपेक्षा कर दी गई. इसके अलावा मलखान विश्नोई के बेटे महेंद्र और जुझार सिंह के बेटे भरत सिंह को भी पार्टी ने विधानसभा का टिकट दिया है. 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लगने लगा है कि जिस तरीके से पहली सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में बवाल मचा है उससे कांग्रेस की राजस्थान में संभावना धूमिल हो सकती है. लिहाजा वह चाहते हैं कि बाकी जो 48 सीटें बची हैं उनमें कार्यकर्ताओं के साथ न्याय कर दिया जाए, इसीलिए वह चाहते हैं कि टिकटों का बंटवारा उनके सामने हो इसलिए प्रदेश का दौरा बीच में छोड़कर वह दिल्ली आकर मीटिंग को अटेंड करेंगे.





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RSS will create pressure on government on Ram Mandir case before the winter session| शातकालीन सत्र से पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर दवाब बनाएगी RSS, भागवत जाएंगे अयोध्या


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Maratha reservation: Maharashtra CM Devendra Fadnavis says- Backwards Commission report received be prepare to celebrate on 1 December – मराठा आरक्षण को लेकर CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान


खास बातें

  1. अहमदनगर में एक रैली के दौरान सीएम ने दिया बयान.
  2. पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठा आरक्षण पर सरकार को सौंपी रिपोर्ट.
  3. सीएम बोले- एक दिसंबर को जश्न की करें तैयारी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को अहमदनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए मराठा आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने रैली में कहा, ‘मराठा आरक्षण को लेकर हमें पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट मिल चुकी है. मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि 1 दिसंबर को जश्न की तैयारी कर लीजिए.’ बता दें, महाराष्ट्र राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठा समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर अपनी रिपोर्ट गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिव डीके जैन को सौंप दी.

  एक सरकारी सूत्र के अनुसार रिपोर्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिए गए आरक्षण से छेड़छाड़ किए बिना, मराठा समुदाय की शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग के पक्ष में सुझाव दिए गए हैं.    सचिव जैन ने रिपोर्ट मिलने के बाद मंत्रालय में मीडिया से कहा, ‘हमें रिपोर्ट मिल गई है, जो कि मराठा समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर आधारित है. रिपोर्ट के अध्ययन के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा.’

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साथ ही सरकारी सूत्र ने बताया कि आयोग ने उसे मिले दो लाख ज्ञापनों, लगभग 45,000 परिवारों के सर्वेक्षण के साथ ही मराठा समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के प्रायोगिक आंकड़ों का अध्ययन किया. इस पैनल का नेतृत्व न्यायमूर्ति एन जी गायकवाड़ (सेवानिवृत्त) ने किया.

मराठा आंदोलनकारियों के एक हिस्से ने बनाई नई राजनीति पार्टी

वहीं दूसरी ओर आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मराठा आंदोलनकारियों के एक हिस्से ने गुरुवार को राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की. यह दल महाराष्ट्र में आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगा. नए दल ‘महाराष्ट्र क्रांति सेना’ का नेतृत्व सुरेश पाटिल करेंगे. उन्होंने दावा किया कि वह ‘मराठा आरक्षण संघर्ष समिति’ के साथ पिछले 10 वर्षों से काम कर रहे हैं.    

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पश्चिमी महाराष्ट्र में सतारा से पाटिल ने कहा, ‘उन्होंने और उनके समर्थकों ने ऐतिहासिक रायरेश्वर मंदिर में नई राजनीतिक पार्टी बनाने और समुदाय के लिए काम करने का संकल्प लिया. वहीं पर छत्रपति शिवाजी ने 17 वीं शताब्दी में ‘स्वराज्य’ का गठन करने का संकल्प लिया था.’ उन्होंने कहा कि सकाल मराठा समाज (एसएमएस) और मराठा क्रांति मोर्चा (एमकेएम) जैसे मराठा संगठन नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के लिये आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं. 

पाटिल ने कहा, ‘हम अपनी राजनीतिक पार्टी के नाम में ‘मराठा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि वे (एसएमएस और एमकेएम) हमारे बारे में आशंका त्याग देंगे और पार्टी में शामिल होंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि सतारा से राकांपा के सांसद उदयनराजे भोंसले और छत्रपति शिवाजी के वंशज ने महाराष्ट्र क्रांति सेना को समर्थन दिया है. पाटिल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि वह हमारे टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.
(इनपुट: एजेंसियां)

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सीटों को लेकर CEC की बैठक खत्म, जल्द जारी हो सकती है लिस्ट


नई दिल्ली : राजस्थान विधानसभा की सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए चल रही कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की 10 जनपथ पर चल रही बैठक खत्म हो चुकी है. 

कांग्रेस के सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक सोनिया गांधी के घर दस जनपथ पर चल रही है. इस मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक के अलावा CEC के करीब 20 सदस्य मौजूद है. इसके अलावा राजस्थान से अशोक गहलोत प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट विधायक दल के नेता रामेश्वर डूडी , स्क्रीनिंग कमिटी की चेयरपर्सन कुमारी शैलजा समवेत एआईसीसी के राजस्थान के चारों सचिव विवेक बंसल योगेंद्र यादव तरुण कुमार और काजी निजामुद्दीन भी मौजूद है.

आपको बता दे कि सोनिया गांधी के घर हो रही इस बैठक में राजस्थान विधानसभा चुनाव के टिकटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला किया जाएगा. इससे पहले उम्मीदवारों के लिस्ट जारी करने से पहले CEC की दो बैठकें हो चुकी हैं और पार्टी ने 135 उम्मीदवारों के नाम भी तय कर लिए थे लेकिन उनकी घोषणा अब तक नहीं हो पाई है.

माना जा रहा है कि आज की बैठक में तकरीबन 50 सीटों पर चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश की जा रही है. यह वह सीटें हैं जिसके कारण कांग्रेस नेताओं के बीच आपस में विवाद बना हुआ है. इनमें से कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए सचिन पायलट और रामेश्वर डूडी का खुलेआम आपस में भीड़ भी चुके हैं. लेकिन इन सीटों पर आपस में सहमति नहीं बन पाई है.

CEC की बैठक के कारण कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों और नेताओं की धड़कन भी पढ़ी हुई है. वैसे पार्टी नेताओं का मानना है कि टिकट बंटवारे में हो रही देरी की वजह से गुटबाजी बढ़ रही है और पार्टी के उम्मीदवारों और समर्थकों के बीच इसको लेकर एक गलत संदेश जा रहा है. वैसे टिकट के इंतजार में रहने वाले दावेदार जल्दी टिकट अनाउंस करने की उम्मीद पाले हुए हैं.

आज की CEC की इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की सीट को लेकर भी फैसला हो जाएगा कि वह किस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. वैसे आज जिन सीटों पर CEC में विचार हो रहा है, वहां कांग्रेस काफी कमजोर हैं और इन सीटों पर ही कांग्रेस के नेताओं में आपसी मतभेद चल रहे हैं.





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Sapna Choudhary Video Viral Bhojpuri Punbjabi Haryanvi Daring Attitude – सपना चौधरी ने दिखाए दबंग तेवर, भीड़ ने घेरी कार तो बोलीं- त्हारे बाप ने लाकर दे रखी है गाड़ी


खास बातें

  1. सपना चौधरी का दिखा दबंग अंदाज
  2. बेकाबू भीड़ के होश यूं लगाए ठिकाने
  3. धमाकेदार वीडियो हुआ वायरल

नई दिल्ली: सपना चौधरी (Sapna Choudhary) अपने बोल्ड तेवरों की वजह से पहचानी जाती हैं. ये बोल्ड तेवर सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के डांस से लेकर एटीट्यूड तक में साफ नजर आते हैं.  सपना चौधरी (Sapna Choudhary) बिग बॉस के घर में आई थीं तो उनका वहां भी बोल्ड अंदाज देखने को मिला था. फिर सपना चौधरी भोजपुरी (Bhojpuri)-पंजाबी (Punjabi)-हरियाणवी (Haryanvi) सिनेमा में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवा चुकी हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का एक लेटेस्ट वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें हरियाणा की बांकी छोरी बेकाबू भीड़ के होश ठिकाने लगाती नजर आ रही हैं.

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Bhojpuri Chhath Songs: खेसारी लाल यादव ने छठ पूजा पर छेड़े सुर, बोले- छपरा में छठ मनाएंगे; देखें Video


सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें सपना चौधरी की कार को लड़कों की भीड़ ने घेर रखा है. सपना चौधरी की कार को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है. इस बार सपना चौधरी बिफर पड़ती हैं और अपनी कार से उतरकर इस बेकाबू भीड़ के होश ठिकाने लगाने आ जाती हैं. सपना चौधरी पूरे दबंग अदाज में दिखती हैं, और लोगों को कहती हैं, “त्हारे बाप ने लाकर दे रखी है गाड़ी.” सपना चौधरी (Sapna Choudhary) अच्छे से इन लोगों की खबर लेती हैं.

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लड़की के ठुमकों को देख मचल गए सलमान खान, कुर्सी से उठकर किया ऐसा- देखें Video

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सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का जलवा इन दिनों पूरे देश में चल रहा है. सपना चौधरी जब से बिग बॉस से लौटी हैं उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हो चुका है. इसी वजह से वे भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी से लेकर बॉलीवुड तक में हाथ आजमा रही हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) इन दिनों बिहार और उत्तर प्रदेश में भी खूब स्टेज शो कर रही हैं. सपना चौधरी ने कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद में एक शो किया है और 16 दिसंबर को हरियाणवी डांस बिहार में अपने डांस के जलवे दिखाने जा रही हैं. 

 …और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें…





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NDTV Exclusive Kanhaiya Kumar attack PM Narendra Modi on Rafale deal HumLog – EXCLUSIVE : राफेल को लेकर कन्हैया का PM पर निशाना, बोले


खास बातें

  1. कन्हैया कुमार का पीएम मोदी पर हमला
  2. राफेल डील को लेकर किया हमला
  3. एनडीटीवी के कार्यक्रम ‘हमलोग’ में राफेल को लेकर साधा निशाना

नई दिल्ली: जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है. कन्हैया कुमार ने एनडीटीवी के कार्यक्रम ‘हमलोग’ में इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा. कन्हैया कुमार से जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “राफेल एक बहुत बड़ा मुद्दा है, इसमें कोई दो राय नहीं है. जब आप किसी एक डील से संबंधित करप्शन को सामने लेकर आते हैं तो पॉलिसी मेकिंग के द्वारा किया गया करप्शन उजागर हो जाता है. यह एक करप्शन के मुद्दे के साथ-साथ लोगों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है. मोदी जी दिवाली मनाने के लिए सैनिकों के पास गए थे कम से उस सैनिक को ही राफेल की कीमत बताते जिसको वह मिठाई खिला रहे थे. कन्हैया ने कहा कि पहले कहा गया है पहले कहा गया कि राफेल विमान हमारे पास नहीं होगा कि तो देश की सुरक्षा व्यवस्था कंप्रोमाइज हो जाएगी, अगर इतना ही महत्वपूर्ण मुद्दा है तो कोई इंसान इसमें चोरी कैसे कर सकता है.”

यह भी पढ़ें: अयोध्या मुद्दे पर कन्हैया कुमार का BJP पर तंज- जहां न चले मोदी का काम, वहां चले राम नाम


कन्हैया कुमार ने राम मंदिर पर भी बीजेपी को घेरा और कहा कि मोदी जी के काम से अब जीतने की संभावना नहीं है, इसलिए अब रान नाम ही बची बचा है. कन्हैया ने कहा कि बीजेपी के नेता अब समझ गए हैं कि जनता अब उनके जुमलों को समझ चुकी है. ‘हमलोग’  में कन्हैया कुमार ने तेजस्वी यादव की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता तेजस्वी को बहुत प्यार दे रही है. तेजस्वी इस समय बिहार में विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे हैं. 

यह भी पढ़ें:  जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार बिहार में वामपंथी दलों का चेहरा होंगे

बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं. पूरी संभावना है कि वो बिहार के बेगूसराय से सीपीआई के टिकट पर चुनाव लड़ें. उनके क्षेत्र में अभी से ही “बेगूसराय का सांसद कैसा हो, कन्हैया कुमार जैसा हो” का नारा गूंजने लगा है. हाल ही में सीपीआई ने पटना में आयोजित ‘बीजेपी हटाओ, देश बचाओ’  रैली में कन्हैया कुमार को राजनीचि में लॉन्च किया था.

यह भी पढ़ें: झड़प में दो लोगों के घायल होने के बाद कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के अलावा विपक्ष के अन्य नेताओं ने कन्हैया कुमार का राष्ट्रीय राजनीति में जोरशोर से स्वागत किया था.

VIDEO: चुनाव लड़ने से इनकार नहीं : NDTV से कन्हैया कुमार



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जालोर की सीट पर टिकट की मांग को लेकर घमासान, महिलाओं ने भी पेश की दावेदारी


जालोर: विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे जालौर जिले के पांचों विधानसभा सीटों पर टिकट की मांग को लेकर गहमागहमी बढ़ने लगी है. सभी दावेदार दिल्ली और जयपुर के चक्कर लगाने मे जुटे हुए हैं. इस बार सभी नए दावेदारों को यह उम्मीद है कि इस बार बीजेपी या कांग्रेस दोनों ही पार्टियां नए चेहरे को टिकट देंगी. 

इसी आस में दावेदारों की लंबी लिस्ट दिल्ली या जयपुर मुख्यालय के दोनों ही पार्टियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों ही पार्टियां नए दावेदारों को मैदान में उतार सकती है. उधर युवाओं के साथ महिलाएं भी टिकट की दावेदारी में जुट गई हैं. वहीं जालौर जिले के भीनमाल, सांचौर, रानीवाड़ा, आहोर और जालौर समेत सभी 5 विधानसभा सीटों पर भी बीजेपी और कांग्रेस में सभी नेता टिकट को लेकर मैदान में उतर चुके हैं. 

वहीं जानकारों की मानें तो इस बार टिकट को लेकर मुकाबला रोचक होगा क्योंकि भीनमाल विधानसभा सीट पर वर्तमान में बीजेपी के पूराराम चौधरी विधायक है. जबकि इस बार इस सीट से टिकट के लिए बीजेपी के दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है. भीनमाल विधानसभा सीट से बीजेपी से नरसी राम चौधरी, वर्तमान विधायक पूराराम चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष सावलाराम देवासी सहित करीब 1 दर्जन से अधिक लोग टिकट पाने की आस में बैठे हैं.

वहीं कांग्रेस की बात करें तो वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष डॉक्टर समरजीत सिंह प्रबल दावेदारी जता रहे हैं. तो वहीं रमेश पुरोहित भी इस बार कांग्रेस पार्टी से टिकट पाने की मांग को लेकर पार्टी के आला नेताओं से जयपुर और दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं. ऐसे में इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां कौन से प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी यह तो देखने वाली बात होगी. 

वहीं साचौर से सुखराम विशनोई कांग्रेस तो बीजेपी से दानाराम चौधरी सहित दर्जनों लोगों की लम्बी लाइन है. जबकि रानीवाडा में कांग्रेस के रतन देवासी बीजेपी से नारायण सिंह देवल सहित कांग्रेस के भूपेन्द्र सिंह देवडा व भाजपा के दर्जनों लोगों ने टीकट की मांग की है.

साथ ही जालोर में बीजेपी से अमृता मेघवाल सहित डांक्टर मंजू मेघवाल व जोगेश्रवर गर्ग ,शकर भादरू, मोहन चिडवा सहित कई लोग टिकट मांग रहे है. वहीं काग्रेस से रामलाल मेघवाल सहित मंजू मेघवाल व भरत मेघवाल सहित दर्जनों लोगों की दौड दिल्ली जयपुर में चल रही है. इसके अलावा आहोर विधानसभा में कांग्रेस सवाराम पटेल सहित कई लोगों दिल्ली से लेकर जयपुर के बीच चक्कर लगा रहे है. हालांकि बीजेपी से शंकर सिंह राजपुरोहित वर्तमान विधायक भी संघ की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे है.  

जबकि जानकोरों की मानें तो जिले में जातिगत फैक्टर बहुत ज्यादा काम कर रहा है. इसी के चलते इस बार जिले में चौधरी राजपुरोहित बिश्नोई राजपूत मेघवाल जाति के लोगो का बोलबाला है. ऐसे में इस बार किस तरह का बदलाव होगा यह देखने वाली बात होगी. वहीं बीजेपी या कांग्रेस क्या इस बार भी जातिगत आधार पर ही प्रत्याशियों पर दाव खेलेगी या फिर जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर कर भी राजनीतिक समीकरण होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.





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