A blank cheque from Krunal Pandya for former cricketer Jacob Martin | क्रुणाल पांड्या ने जैकब मार्टिन की मदद के लिए दिया ब्लैंक चेक, कहा


नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन वडोदरा के एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. 28 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. फेफड़ों और लीवर में चोट के बाद वह फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्टिन की पत्नी ख्याति ने बीसीसीआई से मदद की गुहार लगाई है. बीसीसीआई ने 5 लाख रुपये की मदद प्रदान की है. बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन भी मदद के लिए आगे आया है और तीन लाख की मदद प्रदान की है. इसी बीच, हार्दिक पंड्या के छोटे भाई क्रुणाल पंड्या ने मार्टिन की मदद के लिए एक ब्लैंक चेक दिया है. मार्टिन बड़ौदा के रहने वाले हैं और क्रुणाल भी इसी शहर से आते हैं.

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मार्टिन की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं. बड़ौदा क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव संजय पटेल मार्टिन के परिवार की मदद करने वाले पहले लोगों में से थे. पटेल ने ही सौरव गांगुली की मुलाकात ख्याति से करवाई थी. गांगुली ने कहा, “मैंने श्रीमती मार्टिन से कहा है कि अगर उन्हें आगे भी मदद की जरूरत हो तो बेहिचक मुझसे संपर्क करें.” 

‘1 लाख से कम रुपये न भरें चेक में’
अब हार्दिक पंड्या के छोटे भाई क्रुणाल पंड्या ने मार्टिन की मदद के लिए एक ब्लैंक चेक दिया है. टेलीग्राफ के मुताबिक, पंड्या ने ब्लैंक चेक देते हुए कहा, “सर, कृपया इस चेक में जितने भी पैसे की आवश्यक हो भरें, लेकिन 1 लाख रुपये से कम नहीं.” क्रुणाल ने इसी सीजन में अंतरराष्ट्रीय टी-20 में डेब्यू किया है. 

मार्टिन ने वनडे में सौरव गांगुली की कप्तानी में अपना डेब्यू वर्ष 1999 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था. उन्होंने भारत को लिए 10 वनडे मैच खेले हैं. 138 फर्स्ट क्लास मैच भी खेले जिसमें उन्होंने 9192 रन बनाए और उनका औसत 47 का रहा. उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच 17 अक्टूबर 2001 में केन्या के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ में खेला था.

jacob martin

संजय पटेल ने बताया, “मार्टिन का परिवार असमंजस में था कि मदद के लिए अपील करे या न करें. आज स्थिति यह है कि उन्हें कुछ मांगने की जरूरत नहीं है. क्रिकेट जगत से जुड़े कई लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं. पटेल को भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री की ओर से भी मदद का आश्वासन मिला है. पटेल के मुताबिक, जहीर खान ने रविवार को मदद के लिए कॉल किया और मदद का भरोसा दिया.





Source link

शौच के लिए गई सास को खेत में मिली शराब, घर लाकर दामाद के साथ मनाया जश्न और फिर…


कोरबा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में शराब पीने के बाद सास और दामाद की मौत हो गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. जांजगीर चांपा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत घुटिया गांव में सोमवार को शराब पीने के बाद सास और दामाद की मौत हो गई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घुटिया गांव निवासी जाम बाई कंवर (45 वर्ष) सोमवार की सुबह शौच के लिए गांव के बाहरी हिस्से में गई थी.  इस दौरान उसे वहां एक देशी शराब की बोतल मिली. 

जाम बाई शराब को लेकर घर आ गई थी. अधिकारियों ने बताया कि जाम बाई का दमाद घनश्याम कंवर (30 वर्ष) कोरबा जिले के बरीडीह गांव से त्यौहार मनाने घुटिया गांव आया था.  घर आने के बाद जाम बाई ने अपने दामाद के साथ बैठकर शराब पी. शराब पीने के कुछ देर बाद जब दोनों की तबियत बिगड़ने लगी तब परिजन उन्हें अस्पताल ले गए. 

लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही दोनों की मौत के कारणों के बारे में जानकारी मिल सकेगी. 





Source link

डायबिटीज के रोगियों के लिए खुशखबरी, इस तरीके से इलाज होगा आसान और जल्द मिलेगी निजात


न्यूयॉर्क: इंसुलिन को छिपाने वाली बीटा कोशिकाओं में ह्यूमन स्टेम सेल्स को समाहित करने के तरीके की खोज के बाद अब शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस तरीके को अपनाकर रक्त में ग्लूकोज के स्तर को काबू में रखने में आसानी होगी.  सेंट लुइस की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने बीटा सेल्स को ऐसे चूहे में डाला जो इंसुलिन नहीं बना सकता, तब नई कोशिकाओं ने कुछ ही दिनों में इंसुलिन छिपाना शुरू कर दिया और फिर उन्होंने महीनों तक जानवरों में ब्लड शुगर कंट्रोल करना जारी रखा. 

असिस्टेंट प्रोफेसर जेफ्री आर मिलमैन ने कहा, “हमने इन सेल्स की पहले की डेवलपमेंट के दौरान की एक बड़ी खामी से उबरने में सफलता हासिल कर ली है.  नई इंसुलिन बनाने वाली सेल्स ग्लूकोज का सामना होने पर और तेजी से तथा और बेहतर तरीके से रिएक्ट करती हैं.  ये कोशिकाएं कुछ इस तरह व्यवहार करती हैं, जैसे किसी ऐसे व्यक्ति में बीटा सेल्स डाली गई हों जिसे शुगर की बीमारी नहीं है. 

पत्रिका ‘स्टेम सेल रिपोर्ट्स’ में छपे शोध के निष्कर्ष के मुताबिक, टीम ने मनुष्य की स्टेम सेल से बीटा सेल्स का निर्माण किया है, लेकिन उन्होंने इंसुलिन बनाने वाली बीटा सेल्स को बनाने से पहले इसमें काफी बदलाव किए हैं.  इस पूरी प्रोसेस के बाद उन्होंने बीटा सेल्स को एक विशेष क्षमता वाले शुगर रोगी चूहे में डाला और इसके बाद आए नतीजों से वैज्ञानिक काफी उत्साहित हैं. 

इन कोशिकाओं ने चूहे में इंसुलिन का निर्माण इस स्तर पर किया, जिससे चूहों की शुगर कुछ महीनों के लिए खत्म हो गई जो कि इस शोध में शामिल ज्यादातर चूहों का पूरा जीवनकाल था.  हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि वह इस बात का अनुमान नहीं लगा सकते कि ये कोशिकाएं कब तक मनुष्यों पर प्रयोग करने लायक हो जाएंगी, लेकिन उन्हें भरोसा है कि कम से कम दो ऐसे तरीके हैं, जिनके जरिए मनुष्यों पर इन कोशिकाओं का परीक्षण किया जा सकता है. 

इनपुट आईएएनएस से भी 





Source link

बंगाल: भगवा लहराने के लिए बीजेपी तैयार, TMC और कांग्रेस के गढ़ से अमित शाह करेंगे चुनाव का आगाज


कोलकाता: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मालदा में रैली के साथ बुधवार को पश्चिम बंगाल में लोकसभा के लिए पार्टी के चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे. गौरतलब है कि शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में कोलकाता में संयुक्त विपक्ष की महारैली का आयोजन हुआ था. उत्तरी बंगाल का सीमावर्ती जिला मालदा दशकों तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा जहां उसके कद्दावर नेता एबीए गनी खान चौधरी और उनके परिवार का दबदबा रहा. हालांकि, 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है.

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा, ‘‘अमित शाह मालदा जिले से कल बंगाल में लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार की शुरुआत करेंगे.  इसके बाद 23 जनवरी को झारग्राम और बीरभूम जिले के सुरी में उनकी दो रैलियां होंगी. ’’ शाह की रैलियां रविवार से ही शुरू होनी थीं, लेकिन स्वाइन फ्लू होने के कारण भाजपा अध्यक्ष को एम्स में भर्ती होना पड़ा.

राज्य भाजपा को लगता है कि शाह की रैली कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की ओर से 19 जनवरी को आयोजित विपक्ष के महारैली का सही जवाब होगी. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘वह (शाह) विपक्ष की रैली का सही जवाब देंगे.  वह लोकसभा चुनाव के लिए रूख तय करेंगे.  हमें यकीन है कि बंगाल की 42 में 22 से ज्यादा सीटें मिलेंगी. ’’

आम चुनाव के लिए भाजपा ने पश्चिम बंगाल को प्राथमिकता राज्य के तौर पर चुना है.  शाह ने राज्य की 42 में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. राज्य भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियां भी आयोजित करना चाहती है, लेकिन अभी कुछ पक्का नहीं है.

शाह की रैलियों पर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘‘वे लोग (भाजपा के वरिष्ठ नेता) जितनी बार चाहें आ सकते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि वह लोकसभा चुनाव हारने वाले हैं. ’’ गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भाजपा राज्य में मुख्य विपक्ष के रूप में ऊभरी है. यहां तक कि ग्रामीण इलाकों में हुए उपचुनावों में भी उसकी स्थिति सुधरी है. 

इनपुट भाषा से भी 





Source link

पीठ दर्द के इलाज के लिए इंजेक्शन में अपना ही Semen भर कर लगाता रहा शख्स, अब हो गया है ये हाल


अगली
खबर

सिर पर चढ़ा था फेमस होने का भूत, 11वीं मंजिल से लगा दी छलांग; VIDEO में देखिए फिर क्या हुआ





Source link

एशिया के वाटरहाउस कहे जाने वाले हिस्से में भी जलसंकट, दूर करने के लिए बनाया प्लान



नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तराखंड सहित देश भर में जल संकट की विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई थी. नीति आयोग ने 9 जुलाई 2018 को स्प्रिंग रिवाईवल के संबंध में एक रिपोर्ट जारी की थी. रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड सहित देश के लगभग सभी राज्य बड़े जल संकट से जूझ रहे हैं.



Source link

Wishes Pour In For Arun Jaitley As He Flies To US For Treatment rahul gandhi says- We are with you and your family – इलाज के लिए अमेरिका गए अरुण जेटली की खबर सुनकर दुखी राहुल गांधी, बोले


नई दिल्ली:

वित्त मंत्रीअरुण जेटली (Arun Jaitley)इलाज के लिए अमेरिका गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अरुण जेटली नियमित जांच के लिए अमेरिका गए हैं. इस खबर के बाद कांग्रेस (Congress) अध्यक्षराहुल गांधी (Rahul Gandhi), नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah)और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) सहित विपक्ष के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. विपक्ष के नेताओं में सबसे पहले राहुल ने जेटली के ठीक होने की कामना की.

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, ‘यह सुनकर दुखी हूं कि जेटली जी अस्वस्थ हैं. हम उनके विचारों को लेकर उनसे रोजाना लड़ते हैं. बहरहाल, मैं और कांग्रेस पार्टी की तरफ से कामना करता हूं कि वह शीघ्र स्वस्थ हों. जेटली जी, इस मुश्किल घड़ी में हम आपके और आपके परिवार के साथ हैं.’

वित्त मंत्री अरुण जेटली मेडिकल जांच के लिए अचानक अमेरिका रवाना : सूत्र

उनके ट्वीट के बाद अब्दुल्ला और लालू ने भी केंद्रीय मंत्री के जल्द ठीक होने की कामना प्रकट की. अब्दुल्ला ने कहा कि उम्मीद है कि वह जल्द ठीक हो जाएंगे और देश वापस आएंगे. कांग्रेस के सलमान खुर्शीद ने भी जेटली के जल्द ठीक होने की कामना की है.

आर्थिक आधार पर आरक्षण: अरुण जेटली का कांग्रेस पर हमला, गरीबों को 10% कोटा था आपका ‘जुमला’

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कई ट्वीटों में कहा कि वह अपने साथी सांसद और अधिवक्ता अरुण जेटली के इलाज के लिये विदेश जाने की खबर से बेहद परेशान हैं. पूर्व वित्त मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘मैं उनके शीघ्र और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं. बार में, और बाद में साथी सांसद के रूप में जेटली को वर्षों से जानने वाले के रूप में मैं अपने सभी वकील साथियों और सांसदों की ओर से उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं.’

बता दें, वित्त मंत्री अरुण जेटली गुर्दा संबंधी अपनी बीमारी की जांच के लिए अचानक अमेरिका गए हैं. सूत्रों के मुताबिक जेटली ‘नियमित जांच के लिए’ अमेरिका गए हैं. हालांकि, उनके वापस आने के समय की जानकारी नहीं दी गई है.    पिछले साल 14 मई 2018 को 66 वर्षीय जेटली का गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. उसके बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा है. पिछले नौ महीनों में उन्होंने कोई विदेश यात्रा नहीं की है. 

CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार की सफाई: हमने CVC की सिफारिश पर भेजा था छुट्टी

उन्हें पिछले साल अप्रैल में एम्स में भर्ती कराया गया था जहां वह डायलसिस पर थे और बाद में उनका गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी रेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी. जेटली 23 अगस्त 2018 को वापस वित्त मंत्रालय संभालने पहुंचे थे. उन्हें मंगलवार को राष्ट्रीय व्यावहारिक अर्थशास्त्र अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा आयोजित सातवें सी. डी. देशमुख स्मृति व्याख्यान में प्रमुख वक्ता के तौर पर शामिल होना था. जेटली को एक फरवरी को अपना छठा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार का आखिरी बजट पेश करना है. हालांकि, इस बार का बजट अंतरिम बजट होगा लेकिन उम्मीद की जा रही है कि उनका बजट भाषण आम बजट के जैसा ही होगा. मई में लोकसभा चुनाव के बाद नयी सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी.

(इनपुट भाषा)

न्यूज टाइम इंडिया : लोकसभा में आरक्षण बिल पर चर्चा, 10 प्रतिशत से फायदा किसको?​





Source link

बीजेपी ने ढूंढा ‘मिशन 2019’ का नया फॉर्मूला, हर जिले के लिए तैयारी की ये नई रणनीति


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को लुभाने के लिए बीजेपी क्रिकेट टूर्नामेंट ‘कमल कप’ करायेगी जबकि किसानों के वास्ते हर गांव में ‘किसान कुंभ’ का आयोजन कराया जायेगा. क्रिकेट टूर्नामेंट में नमो 11 और अटल 11 नाम की टीमें भी भाग लेंगी. प्रदेश बीजेपी के मीडिया समन्वयक राकेश त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा आगामी 19 और 20 जनवरी को प्रदेश भर में क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित कर युवाओं से जुडेगा. उन्होंने बताया कि मण्डल स्तर पर पूरे प्रदेश में ‘कमल कप खेल प्रतियोगिता’ आयोजित की जा रही है जिसमें सभी मण्डलों में क्रिकेट मैच का आयोजन होगा. इनमें युवा मोर्चा पदाधिकारी समेत विधायक और सांसद भागीदारी करेंगे.

उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में आठ टीमें भाग लेंगी. इनमें अटल 11, नमो 11, पं. दीनदयालय उपाध्याय 11, सरदार पटेल 11, डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी 11, डा.एपीजे अब्दुल कलाम 11 और शहीद भगत सिंह 11 शामिल हैं . उन्होंने बताया कि इसके अलावा 10 जनवरी से 10 फरवरी तक 59 हजार ग्राम सभाओं में किसान मोर्चा के कार्यकर्ता ‘किसान कुम्भ ग्राम सभा’ अभियान के माध्यम से किसानों के बीच पहुंचेंगे और किसानों से सीधा संवाद करेंगे.

2019 या 2024 नहीं बल्कि अगले 50 साल तक सत्ता में रहने के लिए तैयारी करनी है: अमित शाह

त्रिपाठी ने बताया कि भाजपा सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं से देश में 22 करोड़ से अधिक लोग लाभाविन्त हुए है. जिनमें से तीन करोड़ से अधिक सिर्फ उत्तर प्रदेश में है. उन्होंने बताया कि भाजपा 12 फरवरी से 22 फरवरी तक प्रदेश में ‘मेरा परिवार-भाजपा परिवार अभियान’ के तहत 1 लाख 63 हजार बूथों पर अपने एक करोड़ कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों तक पहुंचेगी और कार्यकर्ताओं के घर पर झंडा और स्टिकर लगाकर संपर्क करेगी. त्रिपाठी ने बताया कि 15 जनवरी से ‘सैनिक सम्मान अभियान’ प्रारम्भ होगा. भाजपा सैनिक सम्मान अभियान के तहत शहीदों के स्मारकों पर श्रद्धासुमन अर्पण करने के साथ ही शहीदों के परिवारों का सम्मान करेगी. भाजपा तीन मार्च (रक्षा दिवस) को शौर्य दिवस के रूप में मनाएगी. 

 

मिशन 2019 के लिए BJP ने बनाई खास रणनीति
आपको बता दें कि इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में कामयाबी हासिल करने के लिए बीजेपी तीन योजनाओं पर काम कर रही है. इन तीन योजनाओं में उत्तर प्रदेश में 400 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा निकालना, बीजेपी कमल विकास ज्योति अभियान चलाना और दलित समुदाय के लिए एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करना शामिल है. 

बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली बड़ी कामयाबी को अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में दोहराने के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों पर खासा जोर देते हुए अगले महीने 400 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में ‘गांव..गांव, पांव..पांव’ पदयात्रा शुरू कर रही है जिसमें घर घर जाकर लोगों से सीधा सम्पर्क किया जायेगा . 2019 के लोकसभा चुनाव में भी ग्रामीण क्षेत्रों पर ख़ास जोर दे रही बीजेपी ने इस अभियान के लिए ‘पहले हम गांव-गांव चले-अब पांव-पांव चलेंगे’ का नारा दिया है . बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड, बिहार जैसे राज्यों में भी इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है. 

इनपुट भाषा से भी 





Source link

Arvind Kejriwal Compare BJP with Adolf Hitler – मोदी-शाह की जोड़ी देश के लिए खतरा, एकजुट होना वक्त की मांग


खास बातें

  1. अरविंद केजरीवाल ने हिटलर से की बीजेपी की तुलना
  2. कहा- सबको एकजुट होना समय की मांग
  3. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया बयान

नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को देश के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि अगर भाजपा 2019 में फिर सत्ता में आएगी तो वह चुनावों से छुटकारा पाने के लिए संविधान में परिवर्तन करेगी. आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि एकजुट होना और देश को बचाना वक्त की मांग है. उन्होंने कहा कि पार्टी के सदस्यों को घर-घर जाकर भाजपा की योजना का पर्दाफाश करना चाहिए. आप नेता गोपाल राय ने कहा, “दिल्ली में कांग्रेस की कोई मौजूदगी नहीं है. सिर्फ आप आने वाले चुनावों में भाजपा को शिकस्त देने में समर्थ है.”

2019 में वाराणसी सीट से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे अरविंद केजरीवाल, आप नेता संजय सिंह ने बताई वजह

केजरीवाल ने बीजेपी के शासन की तुलना हिटलर के शासन से करते हुए कहा, “मोदी-शाह की जोड़ी देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है. शाह ने हाल ही में एक रैली में एलान किया कि अगर भाजपा 2019 में जीतेगी तो वे अगले 50 साल तक सत्ता में बने रहेंगे. यह भाजपा की योजना का हिस्सा है.” उन्होंने कहा, “जर्मनी में जैसा हिटलर ने किया, भाजपा भी वैसे ही संविधान में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिससे आखिरकार चुनाव की परंपरा एक साथ समाप्त हो जाएगी. अगर मोदी फिर सत्ता में आएंगे तो वह लोकतंत्र और चुनाव को एकसाथ समाप्त कर देंगे.”

टिप्पणियां

अरविंद केजरीवाल बोले, कांग्रेस को वोट देने का मतलब है भाजपा को जिताना, हम दिल्ली की सातों सीट जीतेंगे

वहीं अरविंद केजरीवाल के इस वार पर पलटवार किया दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने.भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को तो रहने दें, संविधान की थोड़ी भी जानकारी रखने वाला इस तरह की बात नहीं करता.’



Source link

पाकिस्तानी हिंदू ने बताया, Modi सरकार का कानून हमारे लिए बड़ी राहत, पाक में जिंदगी नरक थी


नई दिल्ली: अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर भागे सुरवीर सिंह को पहचान और आजीविका के दो पाटों के बीच पिसना पड़ रहा है. अपनी मातृभूमि भारत की नागरिकता के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने और एक स्थिर नौकरी पाने के लिए उनकी दुविधा 27 साल बाद भी दूर होने का नाम नहीं ले रही है. चार सदस्यों के अपने परिवार के साथ अमृतसर में रहने वाले 33 वर्षीय सिंह ने कहा कि उसे अपनी मातृभूमि में रहने के लिए हर दूसरे महीने सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते है. वर्ष 1992 में उसके माता-पिता के भारत आने का फैसला लेने से पहले सुरवीर सिंह का परिवार अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में रहता था. 

सोवियत संघ की वापसी और मुजाहिदीन के आगमन के बाद हिंदुओं और सिखों के अफगानिस्तान छोड़ने की एक लहर सी चली थी. परिवार का एकमात्र कमाने वाला होने के नाते सुरवीर सिंह कई तरह की नौकरियां करके अपनी आजीविका कमाते हैं.  हालांकि उनका परिवार उसी समय भारत आया था और उनके परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के पास अलग-अलग तारीखों में जारी किये गये वीजा और शरणार्थी प्रमाण पत्र हैं.

सिंह ने कहा कि क्योंकि उनकी नागरिकता का आवेदन नौकरशाही के चक्रव्यूह में फंस गया है और उन्हें अपने कागजातों को बनाये रखने के लिए नियमित रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता पड़ती है.  उन्होंने कई राजनीतिक नेताओं से भारतीय नागरिकता हासिल करने की गुहार लगाई है लेकिन उन्हें आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला है. सुरवीर सिंह ने कहा,‘‘हर 12 महीनों में कागजातों की अवधि समाप्त होने के बाद, मुझे हर दो या तीन महीनों में इनके नवीनीकरण के लिए अपने परिवार के एक सदस्य के साथ नई दिल्ली जाना पड़ता है. ’’

Image result for pakistani hindu zee news

उन्होंने कहा कि नौकरी तलाशना पहले से ही बहुत मुश्किल है क्योंकि कोई भी शरणार्थियों को रोजगार नहीं देना चाहता है.  यहां तक कि अगर किसी को नौकरी मिलती है तो अक्सर उन्हें कम भुगतान किया जाता है और हर दूसरे महीने नई दिल्ली जाने की आवश्यकता की वजह से नियोक्ता नाराज हो जाते है और वे ऐसे कर्मचारियों की तलाश करते है जिन्हें कम छुट्टी की जरूरत होती है. हालांकि नरेन्द्र मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन विधेयक से सुरवीर सिंह और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के हजारों शरणार्थियों के मन में आस की उम्मीद फिर से जगी है.

यह प्रस्तावित विधेयक नागरिकता कानून 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है. इस विधेयक के कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी. सुरवीर सिंह ने कहा,‘‘मैं सरकार से इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित करने का आग्रह करता हूं. ’’ उनकी तरह ही सरन सिंह ने कहा कि वह एक गरिमापूर्ण जीवन चाहते है.

पाकिस्तान में करोड़ों रुपये मूल्य की अपनी संपत्ति छोड़कर 1999 में अपने परिवार के साथ पंजाब पहुंचे 50 वर्षीय सरन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में उनके साथ दोयम दर्ज का व्यवहार किया जाता था. वह पाकिस्तान की खैबर एजेंसी में रहते थे जहां आतंकवाद और धार्मिक उत्पीड़न जोरों पर था. उन्होंने कहा कि आतंकवादी प्राय: उन्हें बाध्य किया करते थे कि यदि वे जीवित रहना चाहते हैं तो उनका परिवार इस्लाम कबूल कर ले. 

इसलिए कई महिलाओं का अपहरण कर लिया गया और उन्हें जबरन इस्लाम कुबूलवाया गया. सरन ने कहा,‘‘कोई भी हमारी बेटियों और बेटों से शादी नहीं करना चाहता क्योंकि जब उन्हें पता चलता है कि हम पाकिस्तान से है तो वे हमे संदेह की नजर से देखते है.  लोग कहते हैं कि आपके पास भारतीय नागरिकता नहीं है, अगर सरकार आपको निर्वासित करने का फैसला करती है तो क्या होगा? शादी का क्या होगा?’’

उन्होंने कहा,‘‘हम पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचकर अपनी मातृभूमि भारत पहुंचे लेकिन यहां हम लाल फीताशाही और नौकरशाही की बाधा में फंस गये.  कभी-कभी अधिकारी हमें अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट को नवीनीकृत करने के लिए कहते हैं जिसके लिए हमें पाकिस्तान जाने और जारी किए गए कागजात प्राप्त करने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालना पड़ता है. ’’

सरन ने कहा,‘‘जब हम पाकिस्तान में रह रहे थे तो स्थानीय लोगों का कहना था कि आप पाकिस्तानी नहीं हूं क्योंकि आप हिंदू और सिख हो और आपको अपने देश जाना चाहिए.  भारत में रहने के दौरान लोग कहते हैं कि आप पाकिस्तान से हो. ’’ उन्होंने सरकार से उन्हें जल्द से जल्द नागरिकता दिये जाने का अनुरोध किया. 

सरन ने कहा,‘‘हमें अपने दैनिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि किसी भी काम के लिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की जरूरत होती है. ’’ उन्होंने दावा किया कि कागजातों के नहीं होने के कारण कई शरणार्थी अपने बच्चों को शिक्षित भी नहीं कर पाते है. 

इनपुट आईएएनएस से भी 





Source link